मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश की “एक जिला-एक उत्पाद” योजना में 11 जिलों को विशेष रूप से टमाटर उत्पादन के लिए चुना गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के किसान की आय दोगुना करने के लक्ष्य को हम कृषि के विविधीकरण से प्राप्त कर सकते हैं। राज्य सरकार द्वारा कृषि वैज्ञानिकों, प्र-संस्करणकर्ताओं, निर्यातकों से सलाह लेकर इस दिशा में गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। टमाटर के साथ फल-फूल, सब्जी, मसाला, औषधीय और सुगंधित फसलों की खेती और उनके प्र-संस्करण एवं व्यापार की अपार संभावनाएँ हैं। इस क्षेत्र में आवश्यक प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान होटल आमेर ग्रीन्स में उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग द्वारा नीदरलैंड ऐंबेसी के सहयोग से हुए इंटरनेशनल टोमेटो कान्क्लेव–2022 को निवास कार्यालय से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।केन्द्रीय कृषि एवं किसान-कल्याण मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। कॉन्क्लेव में उद्यानिकी मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाहा, नीदरलैंड के राजदूत श्री मार्टन वान डेन बर्ग, चेयनमेन एम.पी.एग्रो श्री एंदल सिंह कंसाना, कृषि काउंसलर श्री मिशेल वान एर्कल, कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलपति श्री कोटेश्वर राव और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह उपस्थित थे। अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण श्री जे.एन. कंसोटिया मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से सम्मिलित हुए।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उद्यानिकी फसलों के विस्तार के लिए केन्द्र शासन द्वारा संचालित योजनाओं के साथ फल, पौध-रोपण, व्यावसायिक उद्यानिकी फसलों की संरक्षित खेती को प्रोत्साहन, उद्यानिकी के विकास के लिए यंत्रीकरण को प्रोत्साहन, मसाला क्षेत्र विस्तार, खाद्य प्र-संस्करण उद्योगों के विकास, मुख्यमंत्री बागवानी तथा खाद्य प्र-संस्करण और उद्यानिकी फसलों के लिए कोल्ड स्टोरेज अधो-संरचना विकास के लिए योजनाएँ चलाई जा रही हैं। प्रदेश में कृषि उत्पादन की लागत घटाने, कृषक को उपज का उचित मूल्य दिलाने, बेहतर बाजार व्यवस्था स्थापित करने और प्राकृतिक आपदा में कृषक को पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराकर खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए प्रभावी कार्य जारी हैं।




