इंदौर: शहर के विजयनगर थाना क्षेत्र में दो करोड़ रुपए के प्लॉट के सौदे में 60 लाख रुपए की बयाना (एडवांस) राशि वापस न करने पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने व्यापारी सुनील चौकसे की शिकायत पर आरोपी पंकज पोरवाल के खिलाफ यह कार्रवाई की है।
जानिए पूरा मामला:
- अक्टूबर 2024 में हुआ था सौदा: सुनील चौकसे का सौदा पंकज के पिता स्व. भेरूलाल पोरवाल के साथ इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के एक प्लॉट को लेकर हुआ था।
- दिए गए थे 60 लाख: सौदे के तहत 50 लाख रुपए चेक से और 10 लाख रुपए नकद यानी कुल 60 लाख रुपए बयाना राशि के रूप में दिए गए थे।
- पिता की मौत के बाद टालमटोल: अनुबंध के करीब चार महीने बाद भेरूलाल का निधन हो गया, जिसके बाद आरोपी पंकज रजिस्ट्री को लेकर लगातार टालमटोल करने लगा।
- न प्लॉट मिला, न पैसे: मार्च 2026 में नया अनुबंध हुआ जिसमें तय हुआ कि तीन महीने में प्लॉट न मिलने पर 60 लाख रुपए 2 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाए जाएंगे। समय बीतने के बाद भी आरोपी ने न तो प्लॉट दिलाया और न ही पैसे वापस किए।
शिकायत की जांच के बाद डीसीपी जोन-2 के निर्देश पर विजयनगर पुलिस ने आरोपी पंकज पोरवाल के खिलाफ धोखाधड़ी (454/420) का केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।




