शहर में टैक्सी चालकों की मनमानी और आर्थिक संकट के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू हो गया है। भोपाल टैक्सी चालक संघ और टैक्सी यूनियन कल्याण समिति के संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर सोमवार रात 12 बजे से भोपाल में करीब 3500 टैक्सियों का संचालन ठप हो गया है। टैक्सी ड्राइवर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
क्यों हो रही है हड़ताल?
संयुक्त मोर्चे का कहना है कि एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी, लगातार बढ़ रहे ईंधन के दाम और प्रशासन द्वारा मांगों पर कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण ड्राइवर गहरी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। चालकों की प्रमुख समस्याएं और मांगें इस प्रकार हैं:
- किराया प्रणाली में बदलाव: केवल 20-30 प्रतिशत किराया बढ़ाने से काम नहीं चलेगा। साल 2014 की तरह बेस फेयर, टाइम चार्ज और प्रति किलोमीटर की पुरानी व्यवस्था फिर से लागू की जाए।
- बढ़ता खर्च: मौजूदा किराए से ईंधन, वाहन रखरखाव, बीमा, बैंक किस्त और परिवार का खर्च चलाना असंभव हो गया है। सरकारी स्तर पर उचित किराया तय किया जाए।
19 अगस्त को होगा धरना-प्रदर्शन
आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर भव्य धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यह बंद और धरना पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा।
अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी
चालक संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले ने दो टूक कहा है कि यदि सरकार और एग्रीगेटर कंपनियों ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन बंद में बदल जाएगी। जब तक ड्राइवरों के हित में उचित किराया नीति लागू नहीं होती, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।



