ग्वालियर (मध्य प्रदेश):
इंटरनेट पर डॉक्टर का नंबर खोजना एक गृहिणी को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने क्लिनिक का कर्मचारी बनकर महिला के मोबाइल पर एक फर्जी APK फाइल भेज दी, जिसे इंस्टॉल करते ही उनके बैंक खाते से 49,997 रुपए पार हो गए। हैरान करने वाली बात यह है कि यह पूरी रकम ‘लाड़ली बहना योजना’ और गैस सब्सिडी के पैसे जोड़कर बचाई गई थी।
मुख्य बिंदु:
- ऐसे हुई ठगी: मुरार निवासी प्रियंका गुप्ता अपनी दादी सास के इलाज के लिए ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. हरिओम शर्मा की अपॉइंटमेंट लेना चाहती थीं। इंटरनेट पर मिले एक नंबर पर कॉल करने पर सामने वाले ने खुद को डॉक्टर का कर्मचारी बताया और अपॉइंटमेंट के नाम पर एक APK फाइल भेजी।
- लाड़ली बहना और सब्सिडी के पैसे थे: प्रियंका पिछले काफी समय से सरकार की योजनाओं से मिलने वाली राशि (लाड़ली बहना और गैस सब्सिडी) को बचत के रूप में जमा कर रही थीं, जिसे ठगों ने एक झटके में साफ कर दिया।
- खाता हुआ सीज: मोबाइल पर पैसे कटने का मैसेज आने पर पति अंकित तुरंत बैंक पहुंचे और खाता सीज कराया।
मुरार थाना पुलिस और साइबर सेल अब उन खातों की जानकारी जुटा रही है जिनमें ठगी की यह रकम ट्रांसफर की गई है।




