भोपाल:नर्सिंग शिक्षा से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं और लंबी न्यायिक प्रक्रिया से परेशान प्रदेशभर के हजारों छात्र-छात्राएं सोमवार को भोपाल के नीलम पार्क में सड़क पर उतर आए। राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। छात्रों का कहना है कि समय पर परीक्षाएं न होने, डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर न मिलने के कारण पिछले करीब छह साल से उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।
छात्रों का मुख्य दर्द और आरोप
प्रदर्शन में शामिल B.Sc. Nursing और GNM के विद्यार्थियों ने दो टूक कहा कि कॉलेजों की मान्यता से जुड़ी प्रक्रिया की जिम्मेदारी छात्रों की नहीं है। यदि किसी कॉलेज को गलत तरीके से मान्यता दी गई है, तो इसकी जवाबदेही शासन-प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन की होनी चाहिए, लेकिन इसकी सजा निर्दोष विद्यार्थियों को भुगतनी पड़ रही है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि वे अब केवल मौखिक आश्वासन नहीं चाहते, बल्कि लिखित और ठोस कार्रवाई होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
छात्रों की प्रमुख मांगें:
- स्पेशल बेंच से सुनवाई: नर्सिंग मामले की जल्द से जल्द स्पेशल बेंच के माध्यम से सुनवाई कराकर छात्रों के हित में फैसला सुनाया जाए।
- बिना विलंब परीक्षाएं: B.Sc. Nursing और GNM के सभी श्रेणियों के विद्यार्थियों (सहित ग्वालियर क्षेत्र के 56 कॉलेजों और unsuitable/suitable छात्रों) की परीक्षाएं बिना किसी देरी के एक साथ आयोजित हों।
- डिग्री और रजिस्ट्रेशन: सत्र 2020-21 के विद्यार्थियों को दिसंबर 2026 तक हर हाल में डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध कराए जाएं।
- छात्रवृत्ति का समाधान: छात्रों को आ रही छात्रवृत्ति से जुड़ी समस्याओं का तुरंत निराकरण किया जाए।
- दोषियों पर कार्रवाई: नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता में हुई अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय कर विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए।



