भोपाल में एक घर में चल रही प्रार्थना सभा के दौरान विवाद हो गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण का आरोप लगाकर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले जाने लगी।
इस दौरान जिस युवक पर धर्मांतरण का आरोप लगा है, उसे पकड़े जाने पर महिलाओं ने विरोध किया और बहस करते हुए पुलिसकर्मी का हाथ पकड़कर रोक दिया। बाद में दोनों पक्ष थाने गए और अपने-अपने दावे करने लगे।
मामला बाग सेवनिया थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर का है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि एक दर्जन से ज्यादा लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। उनके पास से धर्मांतरण के लिए प्रेरित किए जाने वाले दस्तावेज भी मिले हैं। जिसमें प्रभु ईसा मसीह और ईसाई धर्म से जुड़ी बातें लिखी हैं।
टीआई अमित सोनी ने बताया-
अभी दोनों पक्षों को सुना जा रहा। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय करेंगे।
देखें, विवाद की 3 तस्वीरें…



बजरंग दल के भेल एरिया प्रमुख भगवान सिंह परमार ने बताया-
शिवांकर नाम के युवक के घर में पिछले 6 महीने से ईसाई धर्म का प्रचार करने के लिए प्रार्थना के बहाने बुलाया जा रहा था। सभी प्रार्थना के बहाने लोगों को धर्मांतरण का पाठ पढ़ा रहे थे। उन्हें अपनी धार्मिक किताबें और अन्य सामग्री दी जाती थी। इसी के साथ हर सप्ताह खर्च के लिए रकम भी दी जाती थी। जिसकी सूचना बजरंग दल को मिली तो दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए।

पहले मदद करते थे, फिर नौकरी का झांसा देते हैं बजरंग दल के मुन्ना लाल साहू ने बताया कि शिवांकर और उसके साथी भाऊ नाम के एक व्यक्ति के परिवार को परेशान कर रहे थे। पहले उसके बच्चे के इलाज कराने में मदद की गई। बाद में उन्हें अच्छा पढ़ाने और नौकरी लगवाने का झांसा दिया गया।
इसके बाद उन्हें खर्च की रकम भी दी जाने लगी। अब उन पर धर्मांतरण का दबाव बनाया जा रहा था। जिसकी शिकायत भाऊ ने बदरंग दल से की थी। उनकी शिकायत पर पुलिस एफआईआर दर्ज कर रही है।

महिला बाेली- पहले मदद करने तो नहीं आए बाग सेवनिया थाने पहुंची महिला गीता बाई ने कहा कि हमारे बच्चे बिगड़े थे तो यही बाग सेवनिया थाने वाले उन्हें पकड़कर ले जाते थे। हमने 10-10 हजार रुपए देकर उन्हें छुड़ाया है। तब तो बजरंग दल वाले कोई हमारी मदद करने नहीं आया। क्या हम पागल रहे हैं। हमने पूरे होशो-हवास में प्रभु को ग्रहण किया है। हम पीछे नहीं हटेंगे।




