केंद्रीय व राज्य शासन के बजट में खेल मैदानों के रखरखाव व सुविधाओं का प्राविधान होना चाहिए। पूरे जिले में गैरतगंज नगर एकमात्र ऐसी जगह है जहां खेल मैदानों की कमी है। नगर में काम चलाऊ मैदान तो पूर्व में थे, परन्तु कुछ मैदानों को अतिक्रमण ने अपनी चपेट में ले लिया तो कई में निर्माण कार्य हो गए। जिसके चलते वर्तमान में एक भी खेल मैदान युवा प्रतिभाओं को खेलने के लिए नही बच पाया है। खेल मैदानों की कमीं के चलते युवाओं का ध्यान स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों एवं खेलों के प्रति रुचि से हटकर सीमित हो गया है। नगर के कई युवा इसके चलते अवसाद के शिकार हो रहे हैं।
– प्रतिभाओं को निखारने की जरूरत-
युवाओ का रुझान क्रिकेट, बास्केटबाल व फुटबाल के प्रति सबसे अधिक देखा जाता है। पूर्व में इन्ही खेलों को लेकर नगर के कई युवाओं ने देश एवं प्रदेश स्तर के खेलों में अपना लोहा मनवाया है। वही नगर के कई युवा संभाग एवं राज्य स्तरों पर अपने क्रिकेट का हुनर भी दिखा चुके है। नगर में खेल मैदान की कमी के चलते नगर की खेल प्रतिभाओं का रुझान खेल के प्रति कम होता जा रहा है। शासन- प्रशासन को खेल मैदान की उपलब्धता कराकर युवाओं की प्रतिभाओं को निखारने की आवश्यकता है।
– यह मैदान भी खत्म-
नगर में एक दशक से पूर्व काम चलाऊ खेल मैदानों के रूप में फील्ड मैदान, हाईस्कूल, थाना व ब्लाक मैदान हुआ करते थे। वर्तमान में यह सभी मैदान खत्म हो गए हैं। जिनमें फील्ड ग्राउंड में एक तरफ ईंट भट्टा संचालकों ने खोदाई की तो दूसरी तरफ श्मशान घाट एवं कचरा घर बनने से मैदान खत्म हो गया। थाना मैदान में पौधरोपण हो गया है तो तो हाईस्कूल मैदान में निर्माण होने से खेलना बंद है। एक मात्र ब्लाक मैदान में अधिकारियों द्वारा युवाओं को खेलने में अड़चन पैदा की जा रही है। हाल ही में जनपद पंचायत की सीईओ ने इस मैदान की पिच खोदवाकर युवाओं को खेलने से मना कर दिया है। नगर के युवाओं को अब क्षेत्रीय विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी से मैदान उपलब्ध कराने की आस बंधी हुई है। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान नगर के युवाओं ने ज्ञापन सौपंकर स्वास्थ्य मंत्री से मैदान उपलब्ध कराने की मांग की थी। जिस पर उन्होंने जल्द ही मांगपत्र की पूर्ति करने का आश्वासन दिया है।
– सर्वांगीण विकास में खेल जरूरी
सर्वांगीण विकास के लिए खेल जरूरी है। आज युवाओं में अनेक प्रकार की बीमारियां, मानसिक तनाव का कारण खेलों में कम रुचि है। मैदान होने से खेल प्रतिभाओं में निखार तो आता ही है वही युवाओं को स्वस्थ रहने में भी मदद मिलती है।
– अमित खरे, रहवासी।
– प्रतिभाएं हैं, पर मैदान नहीं –
नगर में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन मैदान नहीं होने से मायूसी होती है। वर्षों से युवा यहां पर बेहतर खेल मैदान व सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, परंतु सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। मैदान का होना एक सपना बन गया है।
हुजैफ हसन, खिलाड़ी।
– मैदान पर पाबंदियां क्यों-
हमारे द्वारा जैसे तैसे छोटे- छोटे मैदानों में अपनी फिटनेस बनाए रखने के प्रयास किए जाते रहे हैं, परन्तु अधिकारियों द्वारा लगाई जा रही
पाबंदियों ने मैदान में जाने से पूरी तरह से रोक दिया है। अब ऐसे में नगर का युवा क्या करें।
दीपेश तिवारी, क्रिकेट खिलाड़ी।
– युवाओं के साथ हो रहे अन्याय के प्रति कोई संवेदनशील नहीं है। गैरतगंज सबसे पिछड़ा क्षेत्र है वही युवाओं को भी इस क्षेत्र में पिछड़ता देख दुःख होता है। युवाओं को आगे बढ़ने के साथ उनके स्वस्थ रहने के लिए मैदान की आवश्यकता है।
डॉ प्रफुल्ल यादव, दंत चिकित्सक।




