भोपाल की मोतीनगर बस्ती को तोड़ने के लिए पुलिस फोर्स नहीं मिल रहा है। इस कारण 2 दिन से कार्रवाई अटकी हुई है। हालांकि, इसे लेकर कांग्रेसी और रहवासी विरोध जता चुके हैं। मोतीनगर बस्ती से सुभाषनगर ब्रिज की थर्ड लेन निकलता है।
बता दें कि बस्ती को हटाने के लिए रहवासियों को 4 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया गया था। इसके बाद प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जानी थी। एमपी नगर एसडीएम एल.के. खरे ने बताया, कार्रवाई के लिए पुलिस बल की मांग की गई है, लेकिन दो दिन से मिल नहीं पाया है। इस वजह से कार्रवाई भी नहीं हो सकी है।
बस्ती में कुल 384 मकान मोतीनगर बस्ती में कुल 384 मकान हैं। यहां 110 पक्की दुकानें भी हैं। इन दुकानों को हटाने से कार्रवाई की शुरुआत होगी। नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे।
दुल्हन को लेकर कलेक्टोरेट पहुंच चुके कांग्रेसी
मोतीनगर बस्ती को हटाने का विरोध भी किया जा रहा है। तीन दिन पहले कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला एक दुल्हन को लेकर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के पास पहुंच गए थे। शुक्ला ने कहा था, जिला प्रशासन की कार्रवाई के पहले मोतीनगर से कई मानवीय पहलू सामने आ रहे हैं। यदि प्रशासन मौजूद सैकड़ों परिवारों को मोहलत नहीं देता है तो उनके सामने आर्थिक संकट के अलावा नैतिक संकट भी खड़े हो रहे हैं। किसी के घर में बेटी के हाथ पीले होने हैं तो कहीं बेटे की शादी की तैयारी हो रही है। इस स्थिति में भी कार्रवाई होती है तो कई शादी भी टालनी होगी। दूसरी ओर, बच्चों की परीक्षाएं भी हैं। हालांकि, बच्चों की संख्या को लेकर प्रशासन ने सर्वे भी किया है।




