भोपाल के बहुचर्चित 1818 करोड़ के एमडी ड्रग्स मामले में वांटेड रबनवाज पठान की मंगलवार रात संदिग्ध हालत में मौत हो गई। रबनवाज राजस्थान के अखेपुर का निवासी था। मप्र और राजस्थान के कई थानों में उसके खिलाफ केस दर्ज थे।
जानकारी के अनुसार, वह गुजरात के झालोद में अपने साथी आबिद खां के साथ कार से प्रतापगढ़ जा रहा था। तभी आबिद की कार एक अन्य कार से टकरा गई। विवाद बढ़ा तो रबनवाज वहां से भाग निकला। इसके बाद उसने एक पिकअप से लिफ्ट ली।
रास्ते में उसकी तबीयत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया। शव को पिकअप चालक सज्जनगढ़ थाने ले गया, जहां उसकी शिनाख्त की गई। इधर गुजरात की झालोद पुलिस ने आबिद को हिरासत में ले लिया है। रबनवाज मंदसौर में एनडीपीएस एक्ट के मामले में भी फरार था। मंदसौर पुलिस ने उसके घर से कई लग्जरी वाहन जब्त किए थे, जिनका संबंध ड्रग्स फैक्ट्री से था।
सप्लायर प्रेमसुख ने भी लिया था रबनवाज का नाम
भोपाल में एमडी ड्रग्स मामले में मंदसौर जिले से राजस्थान के प्रतापगढ़ तक की लिंक सामने आई थी। सप्लायर प्रेमसुख पाटीदार और हरीश आंजना के खुलासे के बाद रबनवाज आरोपी बना था। मंदसौर के एडिशनल एसपी गौतम सोलंकी ने बताया कि रबनवाज की मौत की सूचना मिली है। सज्जनगढ़ थानाधिकारी नागेंद्रसिंह के अनुसार, शव की शिनाख्त रबनवाज पठान के रूप में हुई है। तस्कर की मौत कैसे हुई, इसका खुलासा पीएम रिपोर्ट आने के बाद होगा।
हादसे के बाद भाग निकला था रबनवाज
आबिद ने पूछताछ में बताया कि गुजरात के लिमखेड़ा में होटल पर रबनवाज से मिला था। वो और मैं कार से प्रतापगढ़ जा रहे थे। लेकिन रास्ते में हमारी कार दूसरी कार से टकरा गई। और वह वहां से भाग गया। आबिद और रबनवाज दोनों पुराने साथी थे। आबिद के खिलाफ फिरौती का केस दर्ज हो चुका है।




