इंदौर के दो अलग-अलग क्षेत्रों में मंगलवार को दो युवकों ने फांसी लगाकर जान दे दी। एक युवक डॉक्टर के मकान में रहता था, तो दूसरा एक दिन पहले ही अपनी बुआ के बेटे की शादी से लौटा था। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मृतक का मोबाइल जब्त किया है।
बुआ के घर से लौटा और फांसी लगा ली
राउ निवासी 18 वर्षीय मनीष मालीवाड़ पुत्र गुलाब सिंह ने मंगलवार को कमरे में फांसी लगा ली। वह एक दिन पहले ही धार से लौटा था। वहां बुआ के बेटे की शादी थी। मनीष को काम पर जाना था, पर थकान बताकर वह काम पर नहीं गया और बाद में फांसी के फंदे पर झूल गया। पड़ोसियों ने मनीष को फंदे पर लटका देखा और उसे लेकर एमवाय अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने मृतक का मोबाइल जब्त कर लिया और मर्ग कायम का जांच शुरू कर दी है। घटना के वक्त मनीष का छोटा भाई और माता-पिता काम पर गए थे। पुलिस के मुताबिक परिवार ने किसी से विवाद होने की बात से इंकार किया है। वही मनीष को किसी तरह की परेशानी भी नहीं थी।
डॉक्टर के किराएदार ने लगाई फांसी
कनाडिया इलाके के वैभव नगर में रहने वाले आदर्श (21) पुत्र विजयसिंह ठाकुर ने फांसी लगाकर मंगलवार को सुसाइड कर लिया। वह डॉ. गोपाल मेहता के घर में किराए से रहता था। मंगलवार को वह कमरे से बाहर नहीं आया। रात में मकान मालिक व अन्य लोगों को घटना की जानकारी ली। आदर्श मूल रूप से न्यू जैन कॉलोनी सनावद जिला खरगोन का रहने वाला था। पुलिस ने परिवार से संपर्क कर शव को पोस्ट मार्टम के लिए एमवाय पहुंचाया है।




