मानसून के दौरान भोपाल में जलभराव के हालात बनते हैं। खासकर पुराने शहर के इलाकों में। ऐसे में नगर निगम बड़े नालों की सफाई करवा रहा है। एमआईसी (मेयर इन कौंसिल) और पार्षदों को मानीटरिंग का जिम्मा दिया गया है तो अफसरों की ड्यूटी भी लगाई गई है। बुधवार को महापौर मालती राय ने कई इलाकों में पहुंचकर नालों की सफाई की।
महापौर जोन-8 के अंतर्गत माता मंदिर चौराहे पर पहुंची और सफाई अभियान का निरीक्षण किया। उनके साथ एमआईसी मेंबर आरके सिंह बघेल, पार्षद प्रवीण सक्सेना, योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान, देवांशु कंसाना, सहायक आयुक्त कीर्ति चौहान आदि भी मौजूद थे।
कई फीट गाद भरी, ट्रकों से भरकर फेंक रहे भोपाल में 20 से ज्यादा बड़े नालों में कई फीट गाद भरी हुई है। सफाई के दौरान कई ट्रक गाद निकाली जा रही है। महापौर राय ने बताया, 30 मई तक बड़े और 20 मई तक छोटे नालों की सफाई का टारगेट है।

बड़े नालों की सफाई पोकलेन से महापौर राय ने बताया कि छोटे नालों की सफाई जेसीबी और बड़ों की पोकलेन से सफाई कर रहे हैं। 30 मई तक बड़े नालों की सफाई पूरी कर लेंगे। वहीं, छोटे नालों की सफाई का काम 20 मई तक हर हाल में करना है। सफाई अभियान के चलते ही महापौर, एमआईसी मेंबर और पार्षद निरीक्षण कर रहे हैं। ताकि, कोई नाला सफाई से नहीं छूटे।
अतिक्रमण भी हटा रहे महापौर राय ने बताया कि जिन नालों पर अतिक्रमण है, उन्हें भी हटाया जा रहा है। अमले को साफ निर्देश है कि किसी का भी अतिक्रमण को न छोड़ें। सब पर कार्रवाई करें।
पुराने शहर में बनते हैं जलभराव के हालात
नालों की सफाई को लेकर ही रविवार को मंत्री विश्वास सारंग ने नरेला विधानसभा क्षेत्र में जाकर अभियान का जायजा लिया था। बारिश के दौरान जलभराव की सबसे ज्यादा स्थिति नरेला विधानसभा में ही बनती है। अशोका गार्डन, शिवनगर, करोंद समेत कई इलाकों में पानी भर जाता है। कई बार तो बारिश के दौरान सड़क पर बोट तक चल चुकी है।




