प्रदेश सरकार के अलग-अलग विभागों की ओर से बैंकों में कितनी राशि जमा करके रखी गई है। इसकी जानकारी राज्य शासन ने विभाग प्रमुखों से मांगी है। इसके साथ ही कहा है कि सरकार द्वारा बजट में प्रस्तावित नई योजनाओं पर लिए गए नीतिगत फैसलों के चलते भविष्य में कितने फंड की जरूरत होगी, इसकी भी जानकारी दी जाए। इसके साथ ही सरकार द्वारा लोन और एडवांस के बारे में भी विस्तार से जानकारी देने के लिए कहा गया है। वित्त विभाग ने कहा है कि सभी विभाग यह ब्यौरा जल्द से जल्द भेजें ताकि इसकी रिपोर्ट सरकार के साथ ऑडिटर जनरल को भी भेजी जा सके।
संचालक बजट ने सभी विभागों के बजट नियंत्रण अधिकारी, एसीएस, प्रमुख सचिव, सचिव व विभागाध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा है कि वर्ष 2024-25 में हुए खर्च और अन्य जानकारी देने के लिए पूर्व में भी विभागों को निर्देश जारी किए गए थे और इसके लिए 2 मई तक की छूट भी दी गई थी लेकिन विभागों की ओर से जानकारी आना बाकी है। सरकार ने यह जानकारी विभागों से 31 मार्च 2025 की स्थिति में मांगी है। इसलिए तीन दिन के भीतर फाइनेंसियल डिटेल भेजी जाए। इसके बाद विभागों के वित्तीय सलाहकारों और वित्त अधिकारियों के साथ वित्त विभाग द्वारा समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी।
ऑडिटर जनरल भी मांग चुके हैं जानकारी
सरकार के कामकाज के हिसाब की गलतियां पकड़ने और उसमें सुधार कराने की जिम्मेदारी निभाने वाले महालेखाकार भी इस तरह की जानकारी राज्य सरकार से मांग चुके हैं। ऑडिटर जनरल द्वारा 31 मार्च की स्थिति में पहले अप्रैल में ही जानकारी देने को कहा गया था लेकिन विभागों की ओर से ब्यौरा नहीं मिला तो इसकी टाइम लिमिट बढ़ाकर 2 मई कर दी। इसके बाद भी अभी तक विभाग जानकारी नहीं दे सके हैं।




