बारिश का मौसम जहां सुकून और राहत लेकर आता है, वहीं यह कई बीमारियों का कारण भी बन जाता है। खासतौर पर दूषित पानी से फैलने वाले रोग इस मौसम में तेजी से बढ़ जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें नागरिकों से अपील की गई है कि वे जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए सतर्कता बरतें और केवल शुद्ध जल का ही उपयोग करें।
एडवाइजरी में विभाग ने स्पष्ट किया है कि दूषित जल के सेवन से उल्टी-दस्त, पेचिश, हैजा, पीलिया और टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है। ऐसे में सावधानी ही सुरक्षा है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि पेयजल के रूप में केवल उबला या अच्छे क्वालिटी के वाटर फिल्टर से निकला पानी ही पिएं। यदि पानी की शुद्धता संदिग्ध हो तो उसे कम से कम 10 मिनट तक उबालें, साफ कपड़े से छानें या क्लोरीन की गोली डालें और एक घंटे बाद ही उपयोग में लें।
साफ-सफाई ही है सबसे बड़ा बचाव का उपाय
एडवाइजरी में बताया गया है कि खाना बनाने, परोसने और खाने से पहले तथा शौच के बाद हाथों को साबुन और स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धोना बेहद जरूरी है। यह आदत कई संक्रमणों से बचा सकती है। साथ ही विभाग ने सलाह दी है कि बासी या बार-बार गर्म किया हुआ खाना न खाएं। ताजे, साफ-सुथरे और अच्छे से ढंके हुए भोजन का ही सेवन करें।
बाजार के खुले खाद्य पदार्थों से रहें दूर स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से चेताया है कि बाजार में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों, कटे हुए फलों और ठंडे पेयों का सेवन बिल्कुल न करें। ये अक्सर संक्रमण फैलाने का कारण बनते हैं। फल और सब्जियां स्वच्छ पानी से धोने के बाद ही उपयोग में लें और काटने के लिए साफ व ढंका हुआ चाकू इस्तेमाल करें।
विभाग ने लोगों से अपील की है कि अपने शौचालय को स्वच्छ रखें और घर के अंदर व आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। गंदगी और पानी का जमाव बीमारियों की जड़ होते हैं। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर हम स्वयं को और अपने परिवार को इस बरसाती मौसम में सुरक्षित रख सकते हैं।




