भोपाल के कोलार की कजलीखेड़ा नहर में डूबने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई। हादसा रविवार की शाम हुआ। देर रात उसकी बॉडी को गोताखोरों ने तलाशा। सोमवार दोपहर को शव का पीएम कराया गया और बॉडी परिजनों को सौंप दी। युवक नागपुर की एक कंपनी में जॉब करता था।
रक्षाबंधन पर छुट्टी लेकर भोपाल आया था। सोमवार को उसे लौटना था, इससे पहले दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने रविवार की दोपहर को घर से निकला था। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। घटना की जांच की जा रही है।
कृष्णा सिंह, पुत्र उमेश सिंह (27), अमराई बागसेवनिया के रहने वाले थे। उन्होंने भोपाल से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी और वर्तमान में नागपुर की एक कंपनी में कार्यरत थे। रक्षाबंधन के मौके पर वे घर नहीं आ पाए थे, लेकिन बहन के बुलावे पर 15 अगस्त को भोपाल आए और बहन से राखी बंधवाई। इसके बाद वे भोपाल में ही रहे। सोमवार को उनका रिटर्न टिकट था, लेकिन उससे पहले रविवार को दोस्तों के कहने पर पिकनिक के लिए राजी हो गए और चार दोस्तों के साथ कजलीखेड़ा नहर में नहाने पहुंचे।
पांव फिसलने से गहरे पानी में डूबा
दोस्तों के साथ नहाते समय कृष्णा का पांव फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। उसे तैरना नहीं आता था, और उसके साथ गए चारों दोस्त भी तैरना नहीं जानते थे। इसी कारण कृष्णा की मौत दोस्तों की आंखों के सामने ही हो गई।
दोस्तों ने बताया एक्सीडेंट में मौत हो गई
मृतक के चचेरे भाई नीतेश कुमार सिंह ने बताया कि भाई के दोस्तों ने कॉल कर बताया कि कृष्णा का एक्सीडेंट हो गया है। जब हम हॉस्पिटल गए तो वहां कृष्णा की मौत की सूचना मिली। तब दोस्तों ने बताया कि डूबने से भाई की मौत हुई है। वह परिवार का इकलौता बेटा था, उसके अलावा एक बहन है। चाचा जी टेलर हैं, परिवार में कृष्णा आर्थिक सहयोग में बड़ी भूमिका निभाता था।




