जांच में सामने आया कि बैंक सोने के बदले लोन देती है और इसके लिए सोने की शुद्धता की जांच अधिकृत ज्वेलर्स द्वारा की जाती है। संजय सोनी इस काम की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। आरोप है कि जुलाई और अगस्त माह में आरोपियों ने 5 गोल्ड लोन के लिए आवेदन किए और नकली सोना गिरवी रखकर कुल 21 लाख 62 हजार रुपए का लोन हासिल कर लिया।
सितंबर माह में बैंक का ऑडिट हुआ, तब इस पूरे घोटाले का खुलासा हुआ। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने पुलिस से शिकायत की, जिस पर चारों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इंदौर के संयोगितागंज में गोल्ड लोन देने वाली एक बैंक के साथ बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां सोने की गुणवत्ता जांचने के लिए नियुक्त किए गए ज्वेलर्स ने ही अन्य साथियों के साथ मिलकर नकली सोना गिरवी रखवाया और लाखों रुपए का लोन ले लिया।
संयोगितागंज पुलिस के मुताबिक, उज्जीवन स्माल फाइनेंस बैंक लिमिटेड, जावरा कंपाउंड में पदस्थ प्रतिनिधि दिनेश कुमार सेन ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अमित पुत्र हरिशंकर शाक्य निवासी भांति नगर छोटा बागडंदा, पारसनाथ पुत्र रामनाथ वाजपेयी निवासी विजयनगर, संजय पुत्र दिलीप सोनी निवासी उमंग पार्क और सुरेंद्र पुत्र कांतीलाल जैन निवासी स्वामी विवेकानंद नगर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
जांच में सामने आया कि बैंक सोने के बदले लोन देती है और इसके लिए सोने की शुद्धता की जांच अधिकृत ज्वेलर्स द्वारा की जाती है। संजय सोनी इस काम की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। आरोप है कि जुलाई और अगस्त माह में आरोपियों ने 5 गोल्ड लोन के लिए आवेदन किए और नकली सोना गिरवी रखकर कुल 21 लाख 62 हजार रुपए का लोन हासिल कर लिया।
सितंबर माह में बैंक का ऑडिट हुआ, तब इस पूरे घोटाले का खुलासा हुआ। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने पुलिस से शिकायत की, जिस पर चारों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।




