इंदौर की तुकोगंज पुलिस ने एक किसान के साथ हुए फर्जीवाड़े के मामले में एफआईआर दर्ज की है। बताया जाता है कि इस मामले में पटवारी को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपियों ने स्टाम्प खरीदकर उस पर हस्ताक्षर किए और किसान की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कर ली। आरोप है कि 4 करोड़ की जमीन का दस्तावेज 1 करोड़ के मूल्य का दिखाया गया।
तुकोगंज पुलिस ने विजय भट्ट, निवासी साउथ तुकोगंज की शिकायत पर अनिल बोहरा निवासी ग्राम मोडी तहसील सुसनेर, और पटवारी रामगोपाल रातडिया के खिलाफ करोड़ों की जमीन की धोखाधड़ी करने के मामले में एफआईआर दर्ज की।
पुलिस के अनुसार, रामगोपाल पेशे से पटवारी हैं। आरोप है कि उन्होंने अनिल बोहरा के साथ मिलकर 31 दिसंबर 2022 को स्टाम्प नंबर BX942796 अपने नाम से खरीदा। इस स्टाम्प पर ग्राम डोकरपुरा के किसान अब्दुल रईस, पुत्र अब्दुल रशीद, की 3.378 हेक्टेयर कृषि भूमि बेचने का अनुबंध कूटरचित फर्जी दस्तावेज तैयार किया गया।
दस्तावेज में जमीन का सौदा 4 करोड़ बताकर केवल 1 करोड़ 1 लाख की राशि का भुगतान किसान को किया जाना दिखाया गया। रुपयों की प्राप्ति को फर्जी साइन के जरिए स्टाम्प पर दर्शाया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर पूरी जांच शुरू कर दी।
अपने ही कर्मचारी के नाम कर दी जमीन
इसके अलावा, अनिल बोहरा ने एक और फर्जीवाड़ा किया। उसने किसान रईस के नाम से एक और एग्रीमेंट बनाया। इसमें जमीन का हिस्सा अभय और देवेन्द्र लुनावत के नाम और दूसरा हिस्सा देवीसिंह और प्रभुलाल के नाम कर दिया गया। जांच में पता चला कि पटवारी रामगोपाल रातडिया इसके परिचित हैं और उनकी पत्नी के फार्म हाउस के कर्मचारी भी इस योजना में शामिल थे।
अनिल और रामगोपाल ने मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। इसमें जमीन का एक और सौदा 2 करोड़ 2 लाख रुपए में किया गया। पुलिस ने पूरे दस्तावेजों की जांच की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।




