बॉलीवुड गायकों और फिल्मी सितारों के फैंस के जुनून के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं, लेकिन जबलपुर में सामने आए इस मामले ने डॉक्टरों, पुलिस व खुद सिंगर को चौका दिया। बिहार के छपरा के रहने वाले और कुमार सानू के कट्टर फैन रहे 35 वर्षीय युवक को यह भ्रम हो गया कि अगर उसने किसी दूसरे सिंगर का गाना सुना तो लोग उसे खोजकर मार डालेंगे।
इस ‘डेल्यूजन’ ने उसकी हालत इस कदर बिगाड़ दी कि उसने पिछले सप्ताह 24 घंटे में तीन बार आत्महत्या की कोशिश की। फिलहाल वो आईसीयू में भर्ती है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
तीन बार किया सुसाइड अटेम्ट
पहले ट्रेन से कूदने की, फिर स्टेशन के पब्लिक टॉयलेट में ब्लेड से गला व कलाई काटने की, और अंत में अस्पताल में दूसरी मंजिल से छलांग लगाने की। मामला सामना आने के बाद खुद गायकी के दिग्गज कुमार सानू ने युवक के पिता से बात की।
कुमार सानू और मरीज के पिता के बीच बातचीत
कुमार सानू: आपके बेटे के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ।
फागू मांझी (पिता): साहब, किसी ने इसे धमकी दिया था कि दूसरे सिंगर को सुना तो मार दिया जाएगा। बेटा बहुत डर गया। इसलिए ऐसे कदम उठाए।
कुमार सानू: मुझे सुनकर बहुत दुख हुआ कि मेरा फैन इस तरह परेशान है।
पिता: यह शुरू से आपका फैन है। सिर्फ आपके गाने गाता था। दो दिन दूसरे सिंगर के गाने गाए, उसी दौरान धमकी मिली। लोग बोले कि ‘कुमार सानू का गाना क्यों नहीं गा रहे? नहीं गाए तो मार डालेंगे। यह प्रेशर में आ गया और जान देने लगा। अभी बहुत सीरियस है, ICU में है।
कुमार सानू: बच्चे का ठीक होना जरूरी है।
पिता: कुछ मदद कर देते तो बहुत अच्छा हो जाता। उसकी (फैन) 5 लड़कियां हैं।
कुमार सानू (हैरान होकर): 35 साल की उम्र में 5 बच्चे! वाह… खैर।
पिता: हम लोग बहुत गरीब हैं, कुछ मदद कर दीजिए।
कुमार सानू: शाम तक कॉल करिएगा, बच्चे की स्थिति बताइएगा।
भावुक हुए कुमार सानू ने डॉक्टर से भी की बात
जब यह बात खुद कुमार सानू तक पहुंची तो उन्होंने तुरंत भोपाल के मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी को कॉल किया और मरीज की स्थिति जानी। सानू ने डेल्यूजन और साइकोसिस के बारे में विस्तार से समझा और मरीज की मदद की इच्छा जताई। डॉ. त्रिवेदी ने ट्वीट भी किया कि जिस इंसान के गानों पर करोड़ों लोग मोहित हैं, वही आज अपने परेशान फैन के लिए चिंतित है। यह बहुत मानवीय है।
डॉ. त्रिवेदी के अनुसार, सोशल मीडिया ट्रोलिंग और ग्रुप प्रेशर ऐसे भ्रम पैदा कर देते हैं कि व्यक्ति को लगता है कि पूरी दुनिया उसके खिलाफ है।
अपने गांव लौट रहा था युवक
पुलिस और अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक युवक नागपुर में काम करता था और 10-11 जनवरी को ट्रेन से अपने गांव लौट रहा था। यात्रा के दौरान अचानक वह असामान्य व्यवहार करने लगा और चलती ट्रेन से कूदने की कोशिश की। साथी यात्रियों ने उसे पकड़कर रोका। मगर यहीं से उसका डर नहीं रुका। जबलपुर स्टेशन पहुंचते ही वह रेलवे की पब्लिक टॉयलेट में गया और ब्लेड से गला व कलाई काट डाली। खून से लथपथ युवक को तत्काल पुलिस ने बचाया और मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया।
डॉक्टरों ने बताया कि शुरुआती इलाज के बाद भी मरीज के भीतर बना भय खत्म नहीं हुआ। अगले ही दिन उसने अस्पताल की दूसरी मंजिल से कूदने की कोशिश की, जिसे स्टाफ ने किसी तरह रोक लिया। बाद में मनोचिकित्सा विभाग ने उसका मूल्यांकन किया और पुष्टि की कि मरीज ‘साइकोटिक डेल्यूजन’ से गुजर रहा है।
सोशल मीडिया ने बढ़ाया मन में भ्रम पुलिस पूछताछ में युवक ने बताया कि वह सालों से कुमार सानू को सुनता आया है और सिर्फ उन्हीं के गाने गाता था। लेकिन बीते दिनों सोशल मीडिया रील्स पर उसने कुछ दूसरे गायकों के गीत सुने। बस यहीं से उसके दिमाग में यह भ्रम बैठ गया कि अगर वह ‘दूसरे सिंगर’ को सुनेगा तो सानू के फैंस उसे ‘धोखेबाज’ मानकर मार डालेंगे।
GRP थाने से मिली जानकारी के अनुसार, जांच में पाया गया कि युवक अत्यधिक भय में था। वही डर उसे बार-बार जान देने की तरफ धकेल रहा था। फिलहाल उपचार जारी है।
डॉक्टर बोले- यह साइकोसिस का क्लासिक मामला
मनोचिकित्सकों के अनुसार यह मामला साइकोसिस (Psychosis) का स्पष्ट उदाहरण है, जिसमें व्यक्ति तथ्य और कल्पना में फर्क करना बंद कर देता है। भोपाल के मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी ने कहा कि ऐसे मामलों में डोपामिन स्तर असामान्य बढ़ जाता है, जिससे गलत विश्वास भी 100% सच जैसा लगता है। यही भरोसा व्यक्ति को आत्मघात तक ले जा सकता है। उन्होंने आगे बताया कि यदि ऐसे मरीजों को समय पर इलाज न मिले तो ये भ्रम महीनों तक जारी रहते हैं और रिलैप्स का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
साइकोसिस की ऐसे करें पहचान
• असामान्य डर
• लोगों से कटाव
• ‘कोई मुझे मार देगा’ जैसी बातें
• एक ही बात दोहराना
• अनावश्यक संदेह
• सोशल मीडिया से अत्यधिक प्रभावित व्यवहार




