इंदौर: शहर के विजयनगर थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी और गबन का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक प्रतिष्ठित फूड डिपो के मैनेजर ने पद का दुरुपयोग करते हुए कंपनी के खातों और स्टॉक में हेरफेर कर 25 लाख रुपये का गबन कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
ऐसे खुला गबन का राज
विजयनगर पुलिस के अनुसार, यह शिकायत संघवी फूड्स डिपो के डायरेक्टर अशोक पटेल ने दर्ज कराई है। कंपनी का सेल्स ऑफिस स्कीम नंबर 74 स्थित सिल्वर हाउस में है। आरोपी रामप्रवेश राजभर, जो साल 2011 से इंदौर यूनिट में मैनेजर के पद पर तैनात था, उसे स्टॉक और सेल्स की पूरी जिम्मेदारी दी गई थी।
जून 2025 में जब आरोपी का तबादला हेड ऑफिस किया गया और नए स्टाफ ने जिम्मेदारी संभाली, तब खातों की बारीकी से जांच (ऑडिट) की गई। अकाउंटेंट सुरेंद्र पारे ने पाया कि दिल्ली से भेजे गए स्टॉक और इंदौर के रिकॉर्ड में भारी अंतर है। जांच में खुलासा हुआ कि मैनेजर ने कई बार बिना बिल के ही माल सप्लाई कर दिया था।
बीमारी का बहाना बनाकर हुआ फरार
स्टॉक और अकाउंट के मिलान में करीब 25 लाख रुपये की हेरफेर पाई गई। जब कंपनी ने इस संबंध में पूछताछ शुरू की, तो आरोपी दिसंबर 2025 में बीमारी का बहाना बनाकर महाराष्ट्र के चंद्रपुर चला गया। इसके बाद उसने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया और कंपनी से संपर्क काट दिया।
पुलिस की कार्रवाई
विजयनगर पुलिस ने बताया कि आरोपी रामप्रवेश के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की एक टीम आरोपी की लोकेशन ट्रैक कर रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।




