नशे के सौदागर अब दवाओं को जरिया बना रहे हैं।
जबलपुर: शहर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। माढ़ोताल पुलिस, क्राइम ब्रांच और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार शाम कटंगी रोड पर छापेमारी कर प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की 4,800 बोतलें बरामद की हैं। जब्त की गई इस खेप की बाजार में कीमत करीब 8.64 लाख रुपये आंकी गई है।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया जाल
माढ़ोताल थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार के अनुसार, 14 फरवरी की शाम क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि वीआरएल ट्रांसपोर्ट के पास नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली सिरप की बड़ी खेप रखी है। पुलिस ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया और ड्रग विभाग के साथ मिलकर दबिश दी।
जांच के दौरान पता चला कि देहरादून की एक फर्म ने ‘मैक्का-टस’ नामक कफ सिरप के 40 कार्टून दमोह के एक मेडिकल स्टोर के नाम पर बुक कराए थे। इसकी डिलीवरी 16 फरवरी को होनी थी, लेकिन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए समय से पहले ही इसे पकड़ लिया।
नशे के लिए हो रहा था दवाओं का दुरुपयोग
ड्रग निरीक्षक देवेंद्र जैन ने बताया कि कोडीन युक्त सिरप का इस्तेमाल आजकल युवा नशे के तौर पर कर रहे हैं, जो सेहत के लिए बेहद घातक है। शासन ने इसकी बिक्री और भंडारण के लिए कड़े नियम बनाए हैं। दस्तावेजों की जांच में भारी अनियमितताएं पाए जाने पर पुलिस ने पूरा स्टॉक सीज कर दिया है।
इन पर गिरी गाज
पुलिस ने इस मामले में ट्रांसपोर्ट के कैशियर सुमित यादव, संबंधित मेडिकल फर्म और सप्लायर के खिलाफ NDPS एक्ट और म.प्र. ड्रग कंट्रोल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि पता चल सके कि नशे का यह काला कारोबार कहाँ-कहाँ फैला हुआ है।




