भोपाल | राजधानी के बहुचर्चित 26 टन गोमांस तस्करी मामले में मुख्य आरोपी असलम कुरैशी उर्फ ‘चमड़ा’ को जमानत मिलने के बाद शहर का माहौल गरमा गया है। बुधवार रात जेल से रिहा होते ही पुलिस ने एहतियातन असलम को धारा 151 के तहत दोबारा गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि प्रशासन अब उस पर रासुका (NSA) लगाने की तैयारी में है।

सड़कों पर उतरा बजरंग दल
गुरुवार को इस मामले ने तूल पकड़ लिया। जमानत के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली और पुतला दहन किया। विभाग संयोजक अभिजीत सिंह राजपूत ने जांच पर सवाल उठाते हुए कहा:
”इतनी बड़ी मात्रा में गोमांस कहाँ से आया और कंटेनर किसका था, इसकी जांच अभी अधूरी है। ऐसे में आरोपी को जमानत मिलना न्यायसंगत नहीं है।”
क्या था पूरा मामला?
- 17 दिसंबर 2025: जहांगीराबाद में 26 टन मांस से भरा कंटेनर पकड़ा गया था।
- 8 जनवरी 2026: फॉरेंसिक रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि होने के बाद FIR दर्ज हुई।
- गिरफ्तारी: स्लॉटर हाउस संचालक असलम और उसके ड्राइवर को जेल भेजा गया था।
तनाव को देखते हुए कमिश्नर कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्य आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और जमानत रद्द नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।




