डबरा/ग्वालियर। डबरा नगर पालिका में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के नाम पर बड़ी वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) प्रदीप भदोरिया और कंप्यूटर ऑपरेटर राहुल गुप्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला?
वार्ड क्रमांक 11 के पार्षद धर्मेंद्र सिंह ‘हैप्पी’ की 18 महीने पुरानी शिकायत पर हुई जांच में सामने आया कि आरोपियों ने नियम विरुद्ध तरीके से सरकारी धन का दुरुपयोग किया। तत्कालीन CMO प्रदीप भदोरिया ने 1 अप्रैल 2023 से 30 अप्रैल 2024 के बीच पद पर रहते हुए हितग्राहियों को तय राशि से अधिक का भुगतान कराया।
जांच में खुले भ्रष्टाचार के राज:
- नियमों का उल्लंघन: योजना के तहत प्रति हितग्राही को 2.50 लाख रुपए मिलने थे, लेकिन 13 विशेष हितग्राहियों को सांठगांठ कर 3-3 लाख रुपए बांट दिए गए।
- प्रक्रिया में लापरवाही: बिना ‘जियो टैगिंग’ (भौतिक सत्यापन) और नोटशीट के ही सीधे पोर्टल के माध्यम से भुगतान (PPA) जारी कर दिए गए।
- साठगांठ का आरोप: CMO ने संविदा कर्मचारी राहुल गुप्ता को अवैध रूप से पोर्टल संचालन का जिम्मा सौंपा था। आरोप है कि दोनों ने रिश्वत लेकर शासन को 1.31 करोड़ रुपए से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाई।
अब आगे:
वर्तमान में प्रदीप भदोरिया टीकमगढ़ के लिधोरा खास में पदस्थ हैं। ईओडब्ल्यू भोपाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों पर अपराध दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।




