भोपाल। राजधानी के थानों में जमे ‘साहबों’ के लिए आने वाले कुछ दिन भारी पड़ने वाले हैं। शहर में बढ़ते अपराधों के बीच अब पुलिस विभाग एक बड़ा सफाई अभियान चलाने जा रहा है। खबर गरम है कि डीसीपी साहब की डायरी में उन टीआई (TI) के नाम लाल स्याही से लिखे जा चुके हैं, जिनका परफॉर्मेंस केवल कागजों पर ही चमक रहा था।
काम नहीं तो लाइन हाजिर
सूत्रों की मानें तो पुलिस महकमे में इन दिनों खौफ का माहौल है। वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ़ कर दिया है कि अब थानों में कुर्सी तोड़ना भारी पड़ेगा। जिन थाना प्रभारियों का रिकॉर्ड खराब है या जिनके इलाके में बदमाश बेखौफ घूम रहे हैं, उन्हें जल्द ही पुलिस लाइन का रास्ता दिखाया जाएगा (यानी सीधी भाषा में कहें तो ठंडी पोस्टिंग)।
हनुमानगंज वाले साहब की कुर्सी डगमगाई
सूत्रों के मुताबिक पुलिस की गलियों में यह चर्चा जोरों पर है कि हनुमानगंज थाना प्रभारी का पत्ता कटना लगभग तय है। उनके कामकाज से आला अफसर खुश नहीं बताए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, जो टीआई मुस्तैदी से पेंडिंग फाइलें निपटा रहे हैं और गुंडों की नींद हराम कर चुके हैं, उन्हें रिवॉर्ड मिलेगा और उनकी कुर्सी सुरक्षित रहेगी।
रिपोर्ट कार्ड में क्या है खास?
- पेंडिंग केस: जिनकी अलमारी में फाइलें धूल खा रही हैं, उनकी छुट्टी तय है।
- क्राइम कंट्रोल: अगर इलाके में ‘चाय-नाश्ते’ से ज्यादा ‘चोरी-चकारी’ की चर्चा है, तो साहब की खैर नहीं।
- फीडबैक: ऊपर वाले सब देख रहे हैं! अधिकारियों के पास हर थाने का सीक्रेट फीडबैक पहुंच चुका है।
जल्द गिरेगी तबादलों की बिजली
तबादलों की यह लिस्ट किसी भी वक्त बम की तरह फूट सकती है। इस फेरबदल का मकसद साफ है—शहर में बदमाशों को डराना और पुलिस का इकबाल बुलंद करना। अब देखना यह है कि कौन-कौन से थानेदार अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब होते हैं और किन्हें लाइन में जाकर विश्राम करना पड़ता है।
अब शहर में वही थानेदार टिकेगा, जो केवल जीप का सायरन नहीं बजाएगा, बल्कि बदमाशों के बीच अपनी दहशत भी फैलाएगा ।



