गोविंदपुरा स्थित सिविल डिस्पेंसरी के ठीक सामने सड़क पर बना एक गहरा गड्ढा इन दिनों हादसों का ‘हॉटस्पॉट’ बन गया है। विडंबना देखिए कि अस्पताल और हादसे की जगह के बीच महज एक गेट का फासला है। लोग सड़क पर गिरते हैं और सीधे इलाज के लिए अस्पताल के भीतर पहुँच रहे हैं। शनिवार को भी इस गड्ढे ने तीन लोगों को अपना शिकार बनाया, जिनमें से एक की हालत गंभीर होने पर उसे एम्स (AIIMS) रेफर करना पड़ा।

शनिवार को तीन लोग हुए घायल
शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे 28 वर्षीय राजेंद्र यादव अपनी बाइक से काम पर जा रहे थे, तभी गड्ढे में पहिया फंसने से वह अपना संतुलन खो बैठे। सिर में गंभीर चोट आने के कारण डिस्पेंसरी में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत एम्स भोपाल रेफर किया गया। इसके अलावा, स्कूटी पर गैस सिलेंडर लेकर जा रहे पुरुषोत्तम और एक अन्य युवक नरेश भी इसी गड्ढे का शिकार होकर अस्पताल पहुँचे।

मेट्रो काम ने बढ़ाई मुश्किल
क्षेत्र में चल रहे मेट्रो निर्माण कार्य के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा बैरिकेडिंग से घिरा है। रास्ता पहले ही संकरा हो चुका है और ऊपर से अस्पताल के ठीक मोड़ पर बना यह गड्ढा अंधेरे और भीड़-भाड़ में दिखाई नहीं देता।
अधिकारी मौन, स्टाफ परेशान
डिस्पेंसरी स्टाफ का कहना है कि यह अब रोज़ का सिलसिला बन चुका है। पिछले तीन दिनों में आधा दर्जन से ज्यादा लोग यहाँ गिरकर घायल हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार नगर निगम और संबंधित विभाग को इसकी शिकायत की है, लेकिन अब तक गड्ढे को भरने की ज़हमत किसी ने नहीं उठाई है।
“अस्पताल के गेट के बाहर ही लोग लहूलुहान हो रहे हैं। हमने कई बार अधिकारियों को सूचना दी है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शायद प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है।”
— स्थानीय निवासी




