मऊगंज (लौर):
लौर थाना क्षेत्र के अलहौवा गांव में ईद मिलादुन्नबी की तैयारियों के दौरान एक युवक को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना में मुख्य पीड़ित समेत चार लोग झुलस गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।
अंधेरे का फायदा उठाकर किया हमला
घायल मोहम्मद सद्दाम हुसैन के अनुसार, सोमवार शाम करीब 7 बजे वे लोग घर के पोर्च में बैठकर ईद मिलादुन्नबी की सजावट कर रहे थे। पिछले तीन दिनों से गांव में बिजली न होने के कारण वहां अंधेरा था। इसी दौरान गांव का रहने वाला राम रहीस जायसवाल हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर वहां पहुंचा और बिना किसी पुरानी रंजिश या विवाद के अचानक अजहरुद्दीन उर्फ आजू पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।

बचाने आए तीन अन्य लोग भी झुलसे
अजहरुद्दीन को आग की लपटों से बचाने की कोशिश में मोहम्मद सद्दाम, अनवर अली और अजहरुद्दीन का भाई अतीक अहमद भी गंभीर रूप से झुलस गए। परिजनों ने तुरंत सभी घायलों को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रीवा रेफर कर दिया गया। मुख्य आरोपी घटना के बाद से फरार है।
लापरवाही पर हेड कॉन्स्टेबल निलंबित
घटना के बाद पुलिस पर कार्रवाई में हीला-हवाली का आरोप लगा है। परिजनों का कहना है कि जब वे रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचे, तो पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज करने के बजाय पहले बयान कराने की बात कही। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लौर थाने के प्रधान आरक्षक सुरेंद्र सिंह बघेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर समय पर रिपोर्ट दर्ज न करने और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना न देने का आरोप है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।




