भोपाल
16 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आकर फरार होने वाले एक बंदी को अदालत ने दो साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री जयदीप मौर्य की अदालत ने यह फैसला सुनाया। मामले में शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती गुंजन गुप्ता ने की।
क्या था पूरा मामला:
अभियोजन के मुताबिक, बंदी गब्बर उर्फ मनोहर (निवासी विदिशा) विदिशा कोर्ट द्वारा सत्र प्रकरण में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। उसे जेल महानिदेशक के आदेश पर 20 सितंबर 2023 को 16 दिन की आपात पैरोल पर रिहा किया गया था।
पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद 5 अक्टूबर 2023 को उसे वापस जेल में आत्मसमर्पण करना था, लेकिन वह तय समय पर हाजिर नहीं हुआ और फरार हो गया। इसके बाद जेल प्रहरी की शिकायत पर थाना गांधीनगर में धारा 224 के तहत मामला दर्ज किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों के साक्ष्यों और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई।



