सिरोंज:
स्थानीय रिदम अस्पताल में कथित तौर पर गलत इलाज के कारण रीना साहू नामक महिला की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि होम्योपैथिक डिग्री धारक डॉक्टर ने एलोपैथी पद्धति से इलाज किया, जिससे महिला की हालत बिगड़ गई और रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं।
यह था पूरा मामला:
16 अक्टूबर को उल्टी की शिकायत पर रीना साहू को रिदम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर पुष्पेंद्र तिवारी ने उनका इलाज किया। परिजनों और तथ्यों के मुताबिक, डॉक्टर के पास बीएचएमएस (होम्योपैथिक) की डिग्री है, लेकिन उन्होंने एलोपैथी के ड्रिप और इंजेक्शन लगाकर इलाज किया।
रास्ते में तोड़ा दम, सिविल अस्पताल में मृत घोषित:
इलाज के दौरान महिला की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। दोपहर करीब 11:30 बजे डॉक्टर ने उन्हें भोपाल रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल से ले जाते समय रास्ते में ही रीना की मौत हो गई। शाम को जब उन्हें सिरोंज सिविल अस्पताल लाया गया, तो डॉक्टर शुभम साहू ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका का पोस्टमार्टम 17 अक्टूबर को किया गया।

स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल:
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कई ऐसे अस्पताल संचालित हो रहे हैं जहां एमबीबीएस डॉक्टरों के नाम पर रजिस्ट्रेशन कराकर बीएचएमएस या कम पढ़े-लिखे लोग प्रैक्टिस कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की इस बड़ी लापरवाही के कारण मरीजों की जान पर लगातार खतरा बना हुआ है।




