भोपाल |
उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और स्वस्थ जीवनशैली का मुख्य आधार है। आज पूरी दुनिया भारतीय आयुर्वेद की उपयोगिता को स्वीकार कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी आयुर्वेद के संरक्षण व विस्तार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा शुक्रवार को भोपाल स्थित पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के रजत जयंती सभागृह में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन भाई उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास द्वारा धन्वंतरि पूजन, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक सम्मान और अखिल भारतीय आयुर्वेद पीजी निबंध प्रतियोगिता-2026 के पुरस्कार वितरण के अवसर पर किया गया था।
वरिष्ठ चिकित्सक सम्मानित और विजेता छात्र पुरस्कृत
समारोह में उप मुख्यमंत्री ने आयुर्वेद के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रतिष्ठित चिकित्सकों को सम्मानित किया। साथ ही, निबंध प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को 21 हजार रुपये, द्वितीय को 11 हजार रुपये और तृतीय स्थान पाने वाले विद्यार्थी को 7 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।
अनुसंधान और नवाचार पर जोर
श्री देवड़ा ने कहा कि वर्तमान समय की जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच आयुर्वेद की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के साथ-साथ आयुर्वेद के क्षेत्र में नए अनुसंधान और वैज्ञानिक अध्ययन को बढ़ावा देना आज की बड़ी आवश्यकता है। वरिष्ठ चिकित्सकों का अनुभव और युवाओं की शोध क्षमता मिलकर इस चिकित्सा पद्धति को नई ऊंचाइयां दे सकती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आरोग्य भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री अशोक वार्ष्णेय ने की। इस अवसर पर राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (NCISM) की अध्यक्ष वैद्य मनीषा उपेन्द्र कोठेकर, स्थानीय विधायक श्री भगवानदास सबनानी और पूर्व मंत्री एवं न्यास के अध्यक्ष श्री उमाशंकर गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।




























