ग्वालियर: शहर में ई-रिक्शा में सफर करना अब सुरक्षित नहीं रहा। ग्वालियर के गोला का मंदिर से मुरार के बीच एक दंपती के साथ जेवर चोरी की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस की मदद के इंतजार में बैठने के बजाय पीड़ित दंपती ने खुद 9 दिनों तक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और उस ई-रिक्शा को ढूंढ निकाला, जिसमें वारदात हुई थी।
शादी से लौटते समय हुई वारदात
करगंवा निवासी संजय सिंह जाटव अपनी पत्नी सपना के साथ भिंड में एक शादी समारोह से लौट रहे थे। 5 फरवरी की दोपहर करीब 2 बजे उन्होंने गोला का मंदिर से मुरार जाने के लिए एक लाल रंग का ई-रिक्शा लिया। रास्ते में चालक ने दो अज्ञात महिलाओं को बैठा लिया। जब दंपती मुरार के 6 नंबर चौराहे पर उतरे, तो देखा कि उनके बैग की चेन खुली थी और अंदर रखी सोने की चूड़ियां व अंगूठियां गायब थीं।
पुलिस ने टालमटोल की, दंपती खुद बने ‘डिटेक्टिव’
चोरी के बाद दंपती मदद के लिए मुरार थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने ‘सीमा विवाद’ का बहाना बनाकर उन्हें गोला का मंदिर थाने भेज दिया। हार मानकर बैठने के बजाय संजय और सपना ने खुद स्मार्ट सिटी और निजी कैमरों की फुटेज खंगाली। कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने ई-रिक्शा (नंबर MP07 RB-1487) की पहचान कर ली।
जब दंपती ने ई-रिक्शा चालक को ढूंढा, तो पता चला कि उसने पकड़े जाने के डर से गाड़ी का हुलिया और रंग तक बदल दिया था। चालक ने साथ बैठी महिलाओं के बारे में कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया है।
जांच में जुटी पुलिस
शहर में ई-रिक्शा में चोरी की यह तीसरी घटना है। दंपती की मेहनत और सबूतों के आधार पर अब गोला का मंदिर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस अब संदिग्ध चालक और उन दो महिलाओं की तलाश कर रही है, जिन्हें रास्ते में बैठाया गया था।



