साइबर क्राइम पुलिस ने आनलाइन भुगतान का फर्जी स्क्रीन शाट भेजकर होटल में ठहरे एक युवक ने फर्जी फोन-पे ऐप के माध्यम से धोखाधड़ी की। ठगी का अहसास होने पर मैनेजर ने इसकी शिकायत साइबर क्राइम में की थी। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर इंदौर एक इंवेट कंपनी के कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान उसने कबूल किया कि वह उसने यू-ट्यूब के माध्यम से फर्जी फोन-पे ऐप से धोखाधड़ी करने का तरीका सीखा था। बाद में उसने इसका उपयोग अपने मोहल्ले की किराना दुकान पर किया। किसी को शंका नहीं हुई तो उसने होटल में इस तरह से धोखाधड़ी की। साइबर पुलिस के मुताबिक मामले में शिकायत लालघाटी स्थित नमन पैलेस होटल के मैनेजर ईश कुमार ने साइबर क्राइम में की थी। उन्होंने शिकायत में बताया कि अक्टूबर 2021 में एक व्यक्ति उनके होटल में दस दिनों तक रुका था। होटल छोड़ते समय उसने 14 हजार 570 रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया और चला गया गया। मैनेजर को उसने भुगतान का स्क्रीन शॉट दिखाया था। बाद में पता चला कि वह रूपये होटल के खाते में पहुंची ही नहीं। इस शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने अज्ञात मोबाइल धारक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। तकनीकी जांच के बाद पुलिस टीम ने आरोपित कपिल लुल्ला उर्फ टोडी (34) निवासी विधाता अपार्टमेंट राजमहल कालोनी इंदौर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि आरोपित इवेंट कंपनी में काम करता है, जिसके कारण वह अक्सर होटलों में रुका करता है। इसी बीच उसने यू-ट्यूब पर प्रंक फोन पे के माध्यम से फर्जी ऐप बनाकर होटल छोड़ते समय फर्जी फोन पे का स्क्रीन शाट दिखाकर धोखाधड़ करना सीखा था। वह कई होटलों में ऐसा कर चुका है। पहली बार पुलिस पकड़ में आया है।




