भोपाल। शहर की नई नगर निगम बिल्डिंग में बुधवार शाम सुरक्षा इंतजामों की बड़ी लापरवाही सामने आई। उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद 73 करोड़ की लागत से बनी इस बिल्डिंग की लिफ्ट में एक महिला कर्मचारी करीब 20 मिनट तक फंसी रहीं।

क्या है मामला?
बुधवार शाम महिला कर्मचारी ग्राउंड फ्लोर से तीसरी मंजिल पर जाने के लिए लिफ्ट में सवार हुईं, तभी बिजली गुल होने से लिफ्ट बीच रास्ते में ही अटक गई। लिफ्ट में ‘ऑटो रेस्क्यू सिस्टम’ (ARS) न होने के कारण वह वहीं फंस गईं। घबराए लोगों ने पेचकस और चाबी से गेट खोलने की कोशिश की, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती थी। बाद में तकनीकी टीम ने पहुंचकर सिस्टम रीसेट किया, तब जाकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
सुरक्षा पर बड़े सवाल
करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी नई बिल्डिंग की लिफ्ट में बैकअप सिस्टम का न होना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक लिफ्ट में बिजली जाने पर उसे नजदीकी फ्लोर तक पहुंचाने का ऑटोमैटिक इंतजाम अनिवार्य है। लोगों का कहना है कि इतने बड़े प्रशासनिक भवन में सुरक्षा के साथ यह खिलवाड़ गंभीर लापरवाही है।
गौरतलब है कि इस बिल्डिंग का लोकार्पण 6 मई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया था। फिलहाल, निगम के कई विभाग अभी भी यहाँ पूरी तरह शिफ्ट नहीं हो पाए हैं।




