यदि आप लिखने – पढ़ने का शौक रखते हैं। आपने कविता, कहानी, यात्रा वृतांत, अपने विचार जैसी बातें लिखी हैं, लेकिन वह कंप्यूटर पर या डायरी में ही सहेजकर रखी हुई हैं और आप सोचते हैं कि काश, ये सब एक पुस्तक के रूप में प्रकाशित हो पाता, तो समय आ गया है कि आप अपने सपने को पूरा कर लें और इसे किताब का रूप दे दें। ऐसा करने के लिए आपको मौका दे रही है मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग की साहित्य अकादमी। जी हां, ऐसे साहित्य धर्मी, जिनकी अब तक कोई भी पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है, उनकी प्रथम पुस्तक के प्रकाशन के लिए साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश, अनुदान देकर पुस्तक प्रकाशन का कार्य करती है। आपको बता दें कि अकादमी की ओर से हर साल ऐसी 40 पांडुलिपियों को स्वीकृत कर उन्हें प्रकाशन हेतु अनुदान दिया जाता है। 2020 और 2021 में कोरोना की वजह से ऐसा नहीं हो पाया, लेकिन अब एक साथ वर्ष 2020 और 2021 की योजना हेतु कुल 80 पांडुलिपियों को स्वीकृत किया जाएगा।
अब लेखक अपनी पुस्तक की कंप्यूटरीकृत पांडुलिपि का प्रिंटआउट निकालकर भेज सकते हैं। इसके साथ उन्हें एक आवेदन लिखना होगा, जिसमें उनका पूरा विवरण, नाम, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी हो। इच्छुक लेखक यह सारी चीजें साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश के पते ‘निदेशक, साहित्य अकादमी, संस्कृति भवन, बाणगंगा चौराहा, भोपाल 462003 (मप्र) के पते पर भी भेज सकते हैं। किसी प्रकार की जानकारी चाहिए हो तो साहित्य अकादमी के फोन नंबर 0755-2554782 पर कार्यालयीन समय में चर्चा कर सकते हैं।
साहित्य अकादमी के निदेशक डा. विकास दवे ने बताया कि पांडुलिपि चयन होने के बाद नियमानुसार लेखक को 20 हजार रुपये का सहायता अनुदान दिया जाएगा। अकादमी में पांडुलिपि प्राप्त होने की अंतिम तिथि 25 मार्च 2022 है। इस तिथि के बाद प्राप्त पांडुलिपियों पर विचार नहीं किया जाएगा।




