खाकी की दस्तक, अपराधियों की शामत; आधी रात को जब देहात पुलिस ने बजाई बदमाशों के दरवाजे की घंटी
भोपाल। अगर आप भोपाल देहात के इलाके में रहते हैं और कानून की नजरों से बचकर लुका-छिपी खेल रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। पुलिस अधीक्षक रामशरण प्रजापति ने जिले के फरार सूरमाओं का बोरिया-बिस्तर समेटने की पूरी तैयारी कर ली है। साहब के एक आदेश ने पूरे देहात पुलिस महकमे को सड़कों पर उतार दिया है।

आधी रात को कॉम्बिंग गश्त का तड़का
जब दुनिया मीठी नींद सो रही थी, तब भोपाल देहात की पुलिस थानों से बाहर निकलकर पगडंडियों और गलियों में खाक छान रही थी। कॉम्बिंग गश्त के नाम पर पुलिस ने ऐसा जाल बुना कि फरार आरोपियों को छिपने की जगह नहीं मिल रही। एसपी प्रजापति के निर्देशन में यह विशेष अभियान किसी फिल्मी दबिश से कम नहीं है, जहाँ एक साथ कई थाना क्षेत्रों में सघन तलाशी और दबिश की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस की इस सक्रियता ने उन अपराधियों के पसीने छुड़ा दिए हैं जो लंबे समय से पेशी से कन्नी काट रहे थे या वारदात के बाद अंडरग्राउंड हो गए थे।

पुलिस सीधे उन ठिकानों पर दस्तक दे रही है जहाँ अपराधियों के छिपने की पक्की खबर है। रामशरण प्रजापति ने साफ कर दिया है कि या तो अपराधी कानून के सामने सरेंडर करें, वरना पुलिस उन्हें ढूँढकर सलाखों के पीछे पहुँचाने का हुनर जानती है। वहीं रात के अंधेरे में टॉर्च की रोशनी और वर्दी की धमक ने अपराधियों के गढ़ में खलबली मचा दी है।

भोपाल देहात में अब फरार होना आसान नहीं रहेगा। पुलिस की इस मुस्तैदी से आम जनता ने राहत की सांस ली है, तो वहीं बदमाशों के बीच यही चर्चा है भैया, अब बच के कहाँ जाएँगे?




