ग्वालियर में जिला एवं सत्र न्यायालय के दो न्यायाधीशों के साथ 28 मार्च 2021 की रात मारपीट हुई थी। घटना को साढ़े तीन साल बीत चुके हैं। लेकिन मामले का ट्रायल अभी तक पूरा नहीं हो सका है। मार्च 2023 तक आरोप तय कर ट्रायल प्रोग्राम तैयार कर लिया गया था। इसके बाद से लगातार केस की फाइल गवाही के लिए लग रही है। सबसे पहले अभियोजन ने केस में पीड़ित पक्ष यानी कि न्यायाधीश को गवाही के लिए बुलाया (लेटर ऑफ रिक्वेस्ट भेजकर) है।
हालांकि, अभी तक किसी के भी बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं। न्यायाधीश के बयान होने के बाद अन्य गवाहों को बुलाया जाएगा। बीते शनिवार को न्यायाधीश को गवाही के लिए आना था। चूंकि,वे अन्य किसी जिले में पदस्थ हैं और उनका स्वास्थ्य खराब था। इसके चलते वे गवाही के लिए नहीं आ सके।
सबसे पहले सुधीर को मिली जमानत इस केस के अधिकांश आरोपी कम से कम एक साल जेल में रहे। न्यायाधीशों के साथ हुई इस प्रकार की घटना से हर कोई स्तब्ध था। 4 अप्रैल 2021 को गिरफ्तार हुए सुधीर कमरिया को 2 जून 2022 को जमानत मिली। जस्टिस दीपक अग्रवाल (अब रिटायर) ने सशर्त जमानत का लाभ दिया था। इसी आदेश को आधार बनाकर अन्य आरोपियों को भी जमानत दी गई। हालांकि, हाई कोर्ट ने एक भी आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं दी थी। 10 अगस्त 2022 को गिरफ्तार हुए धर्मेंद्र सिंह गौतम और अभिषेक दुबे को भी कुछ दिन जेल में बिताने के बाद जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया।




