भोपाल के ट्रैफिक चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से भिक्षा लेने और देने वालों की पहचान होगी। वहीं, टीमें शहर के प्रमुख स्थानों पर जाकर कार्रवाई करेगी। इसे लेकर बुधवार को बैठक में निर्णय लिया गया।
बता दें कि 3 फरवरी को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत पूरे जिले में भिक्षावृत्ति पूर्ण रूप से प्रतिबंधित की थी। इसे लेकर आदेश भी जारी किया गया। वहीं, टीमों ने भिक्षावृत्ति करने वालों को पकड़ा था। थानों में भी केस दर्ज किए गए थे। अब फिर से सख्त कार्रवाई करने की तैयारी है। बुधवार को जिला पंचायत सीईओ ईला तिवारी की मौजूदगी में बैठक हुई।

बैठक में यह निर्णय लिए गए बैठक में निर्णय लिया गया कि भोपाल स्मार्ट सिटी के ट्रैफिक सिग्नलों पर लगे कैमरों की मदद से भिक्षा देने और लेने वाले लोगों की पहचान की जाएगी। उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होगी। साथ ही सभी ट्रैफिक सिग्नलों पर ऑडियो-वीडियो विजुअल्स के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिसमें कलेक्टर एवं पुलिस कमिश्नर के संदेश होंगे।
- नगर निगम की कचरा संग्रहण गाड़ियों पर भी भिक्षावृत्ति उन्मूलन संबंधी संदेश चलाए जाएंगे। ताकि, आम नागरिकों में यह समझ बढ़े कि भिक्षावृत्ति एक सामाजिक बुराई और अपराध है। जिसकी आड़ में कई बार नशा, असामाजिक और आपराधिक गतिविधियां पनपती हैं।
- भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने के लिए एसडीएम की मॉनिटरिंग में सामाजिक न्याय विभाग, महिला एवं बाल विकास, श्रम, नगर निगम और पुलिस विभाग के संयुक्त दल बनाए गए हैं, जो औचक निरीक्षण करेंगे।
- शांति समिति की बैठक में धर्मगुरुओं के माध्यम से भी समाज में जागरूकता का संदेश फैलाया जाएगा।