राजधानी भोपाल में हाल ही में बाणगंगा क्षेत्र में हुई एक स्कूल बस दुर्घटना के बाद प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस एक्शन मोड में आ गए हैं। इसी कड़ी में शहर के 19 प्रमुख स्थानों पर एक साथ विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 256 स्कूल और कॉलेज बसों की जांच की गई। जांच के दौरान 115 बसों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह चेकिंग अभियान 31 मई 2025 तक लगातार जारी रहेगा। इसके अलावा परिवहन विभाग ने भी 18 बसों पर कार्रवाई की है, इस तरह से कुल बुधवार को 133 बसों पर कार्रवाई की गई है।
परिवहन विभाग की कार्रवाई
परिवहन विभाग के उपनिरीक्षक अंकुर गुप्ता ने बताया कि परिवहन विभाग ने भी सख्त कार्रवाई करते हुए 16 बसों पर कुल ₹30,000 का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा 2 बसों को जब्त किया गया, जिनमें से एक बस पिछले लगभग चार वर्षों से बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के ही संचालित हो रही थी, वहीं एक अन्य बस ने टैक्स नहीं भरा था।
पुलिस की आमजन से अपील
ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अपने वाहनों में किसी प्रकार के गैरकानूनी या असुरक्षित उपकरणों का प्रयोग न करें। किसी भी तरह की जानकारी या शिकायत के लिए 0755-2677340 या 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।
डॉक्टर की मौत के बाद बस मालिक का फर्जीवाड़ा:; जांच से बचने बैकडेट में डॉक्यूमेंट बनवाए

भोपाल में बाणगंगा चौराहे पर सोमवार को हुए बस हादसे के बाद इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की सोसाइटी ने जांच से बचने के लिए एक दिन पहले की तारीख में डॉक्यूमेंट बनवा लिए। पुलिस की जांच में यह फर्जीवाड़ा सामने आया। इसके बाद दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। वहीं, हादसे के मुख्य आरोपी बस ड्राइवर विशाल बैरागी के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर लौट रही टीटी नगर थाने की गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया। हादसा ड्राइवर को झपकी आने की वजह से होना बताया गया है।




