केंद्र सरकार ने घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 50 रुपए बढ़ा दी है। नए रेट 8 अप्रैल से लागू होंगे। इससे मध्यप्रदेश में भी घरेलू गैस महंगी हो जाएगी। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 858 रुपए, इंदौर में 881 रुपए, ग्वालियर में 936 रुपए, जबलपुर में 859 रुपए और उज्जैन में 912 रुपए में सिलेंडर मिलेगा। सबसे महंगी गैस भिंड और मुरैना में मिलेगी। मुरैना में 937 और भिंड में 936 रुपए चुकाने होंगे।
बता दें कि आज यानी, सोमवार 7 अप्रैल को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गैस सिलेंडर के रेट बढ़ने संबंधित जानकारी दी। आखिरी बार सरकार ने 8 मार्च 2024 को महिला दिवस पर सिलेंडर के दामों में 100 रुपए की कटौती थी।
1 अप्रैल को कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹44.50 घटाए थे
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 अप्रैल को 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹44.50 तक घटाए थे। भोपाल में अभी इसकी कीमत 1,767 रुपए हो गई है। इंदौर में यह करीब 1800 रुपए में मिल रहा है। जबलपुर में 1,979.50 रुपए में, ग्वालियर में 1,992 रुपए में और उज्जैन में 1,934 रुपए में मिल रहा है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने दाम क्यों बढ़ाए?
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा- ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को लागत से कम कीमत पर सिलेंडर बेचने के कारण लगभग 41,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इस घाटे को कम करने के लिए कीमतें बढ़ाने का फैसला लिया गया।
कैसे तय होती है गैस सिलेंडर की कीमत
तेल कंपनियां हर महीने पिछले महीने के अंतरराष्ट्रीय मूल्यों, एक्सचेंज रेट और अन्य लागतों के आधार पर LPG की बेस प्राइस तय करती हैं। इसके बाद टैक्स, ट्रांसपोर्ट और डीलर कमीशन जोड़कर खुदरा मूल्य निकाला जाता है। सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए सरकार अंतर की भरपाई करती है, जबकि गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर की पूरी कीमत ग्राहक चुकाता है।
पूर्व CM कमलनाथ ने एक्स पर लिखा
घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 50 रुपए की वृद्धि कर केंद्र सरकार ने आम आदमी पर महंगाई का चाबुक चलाया है। भोपाल में अब सिलेंडर की क़ीमत 858.50 रुपए हो जाएगी। देश में पहले से ही रसोई का बजट आसमान छू रहा था। दाल, सब्जियों, खाद्य तेल, आटा और राशन का दूसरा सामान पहले से ही महंगा है।
आगे उन्होंने कहा
अलग-अलग संस्थाओं की रिपोर्ट बताती है कि बढ़ी हुई महंगाई के कारण लोग कर्ज के बोझ में डूबते जा रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई लिखाई तक का ख़र्च नहीं उठा पा रहे। ऐसे में सरकार को महंगाई में राहत देने का कोई क़दम उठाना चाहिए था। लेकिन राहत देने के बजाय सरकार ने गैस सिलेंडर महंगा करके आम आदमी की पीड़ा का मज़ाक उड़ाया है।
उन्होंने आगे एक्स पर लिखा- जनहित को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार को तत्काल बढ़ी हुई क़ीमतें वापस लेनी चाहिए। मैं केंद्र सरकार को याद दिलाना चाहता हूं कि केंद्र में जब कांग्रेस पार्टी की सरकार थी तो गैस सिलेंडर पर सब्सिडी दी जाती थी।वर्तमान सरकार ने जानबूझकर सब्सिडी समाप्त की और धीरे-धीरे गैस सिलेंडर के दाम आसमान पर पहुंचा दिए। यह पूरी तरह से जन विरोधी क़दम है।




