भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आपराधिक तत्वों के बेखौफ होते हौसले ने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा घटनाक्रम में, डिप्टी चीफ मिनिस्टर (उपमुख्यमंत्री) राजेंद्र शुक्ल के निजी सहायक (PA) का मोबाइल फोन दिनदहाड़े लूट लिया गया। बाइक सवार दो बदमाश इस वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए, और घटना के इतने समय बाद भी टीटी नगर पुलिस उनके सुराग तक नहीं लगा पाई है।
वीवीआईपी इलाके में वारदात
लूट की यह घटना शहर के अति सुरक्षित माने जाने वाले जेपी अस्पताल क्षेत्र के पास एक मेडिकल स्टोर के सामने हुई। मिली जानकारी के अनुसार, डिप्टी सीएम के पीए से उनका ब्लू कलर का मोबाइल छीनकर लुटेरे पलक झपकते ही मौके से फरार हो गए।
राज्य के एक महत्वपूर्ण पदाधिकारी के पीए के साथ इस तरह की वारदात होना, न केवल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आम नागरिकों की सुरक्षा कितनी खतरे में है। जिस तरह से लुटेरे बेखौफ होकर वीवीआईपी मूवमेंट वाले क्षेत्र में इस वारदात को अंजाम देकर गायब हुए हैं, वह राजधानी की पुलिसिंग पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
पुलिस की जांच जारी, सुराग नहीं
टीटी नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और लुटेरों की तलाश में जुट गई है। हालांकि, घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस को लुटेरों का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस की टीमें आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं ताकि बाइक सवार बदमाशों की पहचान की जा सके। शहर में लगातार हो रही लूट और झपटमारी की घटनाओं के बावजूद पुलिस की निष्क्रियता से जनता में आक्रोश है। अब देखना यह है कि हाई-प्रोफाइल से जुड़े इस मामले में पुलिस कब तक लुटेरों को पकड़ पाती है।




