मध्यप्रदेश विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने बुधवार को एफआईआर दर्ज की है। लंबी जांच के बाद केस दर्ज किया गया है। प्रकरण में उनकी पत्नी, भाई योगेश कटारे और बहू सहित 7 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। मामला भोपाल के आईएसबीटी प्रोजेक्ट में प्लॉट आवंटन में गड़बड़ी से जुड़ा है।
इसी के साथ भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) के तत्कालीन सीईओ केपी राही, ओएसडी मनोज वर्मा, मेसर्स हाई स्पीड मोटर्स और अन्य पर भी एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने साठगांठ कर कटारे परिवार को नियम विरुद्ध प्लॉट का आवंटन किया।
इस मामले की शिकायत भोपाल के हर्षवर्धन नगर निवासी सीआर दत्ता ने की थी। शिकायत के आधार पर ईओडब्ल्यू ने जांच कर भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) द्वारा नियमों के खिलाफ जाकर एक निजी कंपनी को जमीन आवंटन का मामला उजागर किया। बुधवार को हेमंत कटारे, योगेश कटारे, मीरा कटारे और रुचि कटारे पर धारा 120 वी, 420, 468, 471 भादंवि के तहत एफआईआर दर्ज की है।

हाई स्पीड मोटर्स में पार्टनर हैं हेमंत और परिवार
जांच में सामने आया कि मेसर्स हाई स्पीड मोटर्स के पार्टनर्स हेमंत कटारे, योगेश कटारे, मीरा कटारे, रुचि कटारे ने बीडीए के तत्कालीन सीईओ के.पी. राही, ओएसडी, मनोज वर्मा एवं अन्य आरोपियों के साथ आपराधिक षड्यंत्र रचा। अधिकारियों ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए मेसर्स हाई स्पीड मोटर्स को भूमि का आवंटन, आवंटित भूमि के उपयोग के प्रकार में परिवर्तन किया। इसी के साथ भूमि की राशि का निर्धारण अवैध रूप से लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया। प्लॉट की कीमत भी बिना निविदा के मनमाने तरीके से तय की गई।
स्टूडेंट से ज्यादती के आरोप लग चुके
हेमंत कटारे ने हाल ही में सौरभ शर्मा के मामले में पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि परिवहन मंत्री रहते हुए भूपेंद्र सिंह ने सौरभ की तैनाती अपने विधानसभा क्षेत्र की मालथौन आरटीओ चेकपोस्ट पर करने की अनुशंसा की थी। इसके बाद भूपेंद्र सिंह ने आरोपों का खंडन करते हुए कटारे पर पत्रकारिता की स्टूडेंट से दुष्कर्म मामले की एफएसएल रिपोर्ट बदलवाने के आरोप लगाए थे।




