भोपाल के शाहपुरा इलाके में एक बिल्डर दंपती ने 30.60 लाख रुपए की जालसाजी की। आरोपियों ने बैंक में बंधक रखे प्लॉट को बेच दिया। जबकि फरियादी डॉक्टर ने उक्त प्लॉट को बैंक से ऑक्शन के माध्यम से खरीदा था। फर्जीवाडे़ का खुलासा होने पर पीड़ित डॉक्टर ने कोर्ट में परिवाद दायर किया था। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बिल्डर दंपती और बैंक मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
सब इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह के मुताबिक मुंबई में रहने वाले चंद्रशेखर सिंह पेशे से डॉक्टर हैं। उन्होंने बैंक ऑफ महाराष्ट्र से ऑक्शन में खनुजा ऐनक्लेव शाहपुरा में एक प्लॉट खरीदा था। जिसकी रजिस्ट्री भी बैंक में करा दी थी, लेकिन जब वह प्लॉट पर कब्जा लेने पहुंचे तो पता चला कि बिल्डर रविंद्र खनूजा, उनकी परमजीत खनूजा ने बैंक में बंधक रखे प्लॉट को पहले ही बेच दिया है।
जालसाजी कर रजिस्ट्री भी करा दी
इतना ही नहीं उसकी रजिस्ट्री भी करा दी है। इस बात का पता चलने पर डॉक्टर ने कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ परिवाद दायर किया था। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बिल्डर दंपती और बैंक मैनेजर कैलाश अहिरवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पुलिस का कहना है कि अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच के बाद पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।




