वास्तुशास्त्र में जैसे ईशान्य कोण का महत्व है वैसे ही भारत के लिए ईशान्य प्रदेश महत्वपूर्ण है -शुक्ल
भोपाल, 4 फरवरी 2025 – अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा आयोजित SEIL यात्रा (Student Experience in Inter-State Living) के अंतर्गत पूर्वोत्तर भारत से आए प्रतिनिधियों का भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि SEIL ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री अतुल कुलकर्णी मुख्य वक्ता रहे। कार्यक्रम में SEIL यात्रा के कॉर्डिनेटर राहुल मोंग, स्वागत समिति के अध्यक्ष बादाम सिंह, स्वागत समिति के सचिव रोहित जोशी एवं नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थी परिषद एक ऐसा संगठन है, जो राष्ट्र को जोड़ने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने SEIL यात्रा को भारतीय संस्कृति और एकता का परिचायक बताते हुए कहा कि यह पहल भारत को एक राष्ट्र, एक जन, एक संस्कृति के सूत्र में बांधने का कार्य कर रही है। मानवता की अगर कोई रक्षा कर सकता है तो वह केवल भारत है। विकास को यदि अवसर बनाना है तो धर्म और संस्कृति को आधार बनाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वास्तुशास्त्र में जैसे ईशान्य कोण का महत्व है वैसे ही भारत के लिए ईशान्य प्रदेश महत्वपूर्ण है।
SEIL ट्रस्ट के अध्यक्ष अतुल कुलकर्णी ने कहा कि SEIL यह केवल एक प्रवास नहीं है। यह एक दूसरे को समझने का कार्यक्रम है।उन्होंने कहा कि SEIL के प्रतिनिधि आज शिक्षा, लोकतंत्र, न्याय और संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व कर रहे हैं, जिससे इस यात्रा की सफलता सिद्ध होती है।
ABVP द्वारा संचालित SEIL यात्रा, जिसे “राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा” भी कहा जाता है, पूर्वोत्तर भारत के छात्र-छात्राओं को भारतीय संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस वर्ष 22 जनवरी से 13 फरवरी 2025 तक चल रही इस यात्रा में पूर्वोत्तर भारत के 256 छात्र-छात्राएँ भाग ले रहे हैं, जो भारत के 32 राज्यों के 32 स्थलों का भ्रमण करेंगे। यात्रा का समापन 13 फरवरी को गुवाहाटी में होगा।
भोपाल प्रवास के मुख्य कार्यक्रम
1 फरवरी को भोपाल आगमन पर SEIL प्रतिनिधियों का भोपाल रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत किया गया। 2 ,3 और 4फरवरी को उन्होंने भोपाल के स्थलों का भ्रमण किया, जिसमें मध्यप्रदेश फ्लाइंग क्लब, मानव संग्रहालय, मध्यप्रदेश विधानसभा, मुख्यमंत्री निवास, मध्यप्रदेश शूटिंग अकादमी, दूरदर्शन केंद्र एवं JLU यूनिवर्सिटी शामिल रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने SEIL प्रतिनिधियों से मुलाकात कर अपने पुराने अनुभव साझा किए और उन्हें भारत की सांस्कृतिक विविधता को अपनाने और राष्ट्र की एकता को मजबूत करने का संदेश दिया।
भोपाल प्रवास के दौरान SEIL प्रतिभागी स्थानीय होस्ट फैमिली के साथ रहे, जिससे उन्हें मध्यप्रदेश की संस्कृति और परंपराओं को नज़दीक से जानने का अवसर मिला।
ABVP की यह पहल वर्षों से “एक भारत, श्रेष्ठ भारत”की भावना को मजबूत कर रही है और भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता को सशक्त कर रही है।




