इंदौर के एमआईजी इलाके के सरकारी क्वार्टर में रहने वाले हेड कॉन्स्टेबल विनोद यादव ने बुधवार को फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। कनाड़िया में रहने वाली एक महिला यादव को ब्लैकमेल कर रही थी। वह रुपए नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रही थी। देर रात पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया है। उसे थाने लाकर पूछताछ की जा रही है।
महिला ने शुरुआती पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह लगातार विनोद यादव को कॉल कर रही थी। इस दौरान विनोद ने सुसाइड की बात कही। वह ओला कैब से विनोद के घर पहुंची, जहां उसने देखा कि विनोद फंदे पर लटका हुआ था। इसके बाद वह मदद के लिए बाहर आई, तब पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। महिला का पति भी कनाड़िया इलाके में पुलिस वाहन चलाता है।

सुसाइड से पहले ड्यूटी पर थे यादव परदेशीपुरा टीआई आर. डी. कानवा ने बताया कि विनोद कल थाने से साढ़े 5 बजे चला गया था। उसे साढ़े छह बजे रोल कॉल में आना था, लेकिन वह नहीं आया। करीब एक घंटे बाद उसकी मौत की सूचना आई। स्टाफ के लोगों ने बताया कि विनोद कल किसी के साथ नहीं था और थाने में विवेचना का काम कर रहा था। कल उसका व्यवहार सामान्य था, हालांकि वह पिछले कुछ महीनों से ज्यादा किसी से बात नहीं कर रहा था।
डिप्रेशन में थे हेड कॉन्स्टेबल यादव
एमआईजी थाने में विनोद यादव के सुसाइड के बाद एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह, एएसपी सोनू डाबर और टीआई आरडी कानवा सहित अन्य अफसर मौके पर पहुंचे। विनोद यादव के बारे में अफसरों को शुरुआत में जानकारी लगी थी कि वह काफी समय से डिप्रेशन में थे।
टीआई सीबी सिंह ने बताया –
यह घटना एमआईजी थाने के पीछे बने सरकारी क्वार्टर की है। यहां रहने वाले परदेशीपुरा के पुलिसकर्मी विनोद यादव ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। बुधवार को ड्यूटी खत्म करने के बाद सुसाइड किया। सूचना मिलने पर पुलिस अफसर और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची।
महिला से पूछताछ कर रही पुलिस थाना प्रभारी ने बताया, कनाड़िया में रहने वाली शालू उर्फ शानू राणा नाम की महिला का नाम सामने आया है। वह विनोद को काफी समय से परेशान कर रुपए की डिमांड कर रही थी। विनोद उसे काफी रुपए दे चुका था, लेकिन उसके बाद भी वह डिमांड कर रही थी।
अफसरों को यादव के मोबाइल में शानू राणा की जानकारी मिली। रात में ही महिला को एमआईजी थाने लेकर आया गया। यहां उससे पुलिस अफसर पूछताछ कर रहे हैं।
कुछ दिन पहले ही बेटी की शादी की थी
विनोद यादव पहले खजराना में पदस्थ थे। कुछ समय पहले उनका परदेशीपुरा में ट्रांसफर हुआ था, तब से वे वहीं रह रहे थे। बताया जाता है कि कुछ समय पहले उनकी बेटी की शादी हुई थी।
विनोद यादव मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले थे। उन्हें पुलिस विभाग में करीब 17 साल हो गए थे। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी है। विनोद का परिवार करीब 10 दिन से हरियाणा गया हुआ था।




