इंदौर। पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता और अपराधियों से सांठगांठ के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए परदेशीपुरा थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई है।

क्या है पूरा मामला?
बीते गुरुवार को हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार का जन्मदिन था। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में संयोगितागंज क्षेत्र के तीन कुख्यात बदमाश—अक्रात, आयुष और विकास भी शामिल हुए थे। इन बदमाशों ने न केवल हेड कॉन्स्टेबल को माला पहनाई, बल्कि उनके साथ फोटो और वीडियो भी खिंचवाए, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
कौन हैं ये बदमाश?
जांच में सामने आया कि कार्यक्रम में शामिल हुए अक्रात और आयुष सगे भाई हैं और उनके पिता दीनू क्षेत्र के निगरानीशुदा बदमाश हैं। वहीं, तीसरे युवक विकास पर मारपीट और नशे के करीब 10 मामले दर्ज हैं। इन तीनों का रिकॉर्ड आपराधिक होने के बावजूद पुलिसकर्मी के साथ उनकी नजदीकी ने विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए।
अधिकारियों का रुख
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आते ही इसकी गंभीरता से जांच की गई। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर शनिवार रात हेड कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराधियों के साथ किसी भी पुलिसकर्मी की मिलीभगत या दोस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




