मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। अब प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की जिम्मेदारी बदल दी गई है। उन्हें मध्य क्षेत्र का सह-बौद्धिक प्रमुख बनाया है। हितानंद का केंद्र जबलपुर होगा
सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव संगठनात्मक रणनीति के तहत किया है। हितानंद शर्मा मूल रूप से अशोकनगर (चंबल क्षेत्र) के निवासी हैं। वे लंबे समय से विद्या भारती संगठन से जुड़े रहे हैं। संघ पृष्ठभूमि के चलते संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
हितानंद शर्मा की नई जिम्मेदारी तय होने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि भाजपा का नया प्रदेश संगठन महामंत्री कौन होगा। फिलहाल पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
इन प्रचारकों की भी जिम्मेदारियां बदली
हितानंद के अलावा सुरेंद्र मिश्रा अब पूर्व सैनिक सेवा परिषद में काम करेंगे। मुकेश त्यागी अब ग्राहक पंचायत में काम संभालेंगे। ब्रजकिशोर भार्गव क्षेत्र गो सेवा प्रमुख बनाए गए हैं।
RSS से गहरा जुड़ाव, संगठन में रही अहम भूमिका
मध्य प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री बनने से पहले वे सह संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्ष 2020 में उन्हें प्रदेश सह-संगठन महामंत्री बनाया था, जबकि 2022 में वे सुहास भगत के स्थान पर प्रदेश संगठन महामंत्री बने थे।
आरएसएस में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है, खासकर ग्वालियर-चंबल अंचल में। संगठन के भीतर उन्हें अनुशासन और कैडर मैनेजमेंट के लिए जाना जाता है।
संघ के तहसील प्रचारक से प्रदेश महामंत्री तक पहुंचे हितानंद शर्मा के संगठन महामंत्री रहते संगठन से लेकर चुनावी रणनीति में बड़ी कामयाबियां मिली हैं। बूथ सशक्तिकरण अभियान में उन्होंने माइक्रो लेवल पर जाकर तैयारी की और तकनीकी के नवाचारों को जिस प्रकार से अपनाया यह भारतीय जनता पार्टी में पहला प्रयोग था। उन्होंने प्रदेश के मंडल तक के प्रवास किया।
भारतीय जनता पार्टी में निरंतर चलने वाले अभियानों की संपूर्ण जानकारी उनके मोबाइल और तकनीकी सिस्टम में उपस्थिति रहती थी। विधानसभा चुनाव में ताबड़तोड़ जीत और लोकसभा चुनाव में 100% अर्थात 29 सीटों पर विजय के पीछे हितानंद शर्मा की पर्दे के पीछे रहकर चुनावी तैयारी का बड़ा योगदान था
10 वर्षों पर तक विद्या भारती का काम देखा
हितानंद शर्मा तत्कालीन संगठन महामंत्री सुहास भगत के सह संगठन महामंत्री के रूप में भारतीय जनता पार्टी में आए थे। भारतीय जनता पार्टी से पहले उन्होंने लगभग 10 वर्षों पर तक विद्या भारती का काम देखा और उससे पूर्व तहसील प्रचारक जिला प्रचारक और विभाग प्रचारक जैसे स्थान पर रहे।




