12 साल पहले पति की प्रताड़ना से परेशान होकर एक महिला ने आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले महिला ने सुसाइड नोट भी छोड़ा था। जिसमें प्रताड़ना का जिक्र किया गया था। शनिवार को जबलपुर सेशन कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए आरोपी पति नितिन शुक्ला को 10 साल की सजा सुनाई है। साथ पति के ममेरे भाई अनूप तिवारी व अतुल तिवारी को एक-एक साल की सजा से दंडित किया है।
जबलपुर के उखरी में रहने वाले आरोपी नितिन की 2013 में करमेता निवासी तितिक्षा से शादी हुई थी। बाद में दोनों तमिलनाडु चले गए थे। यहां तितिक्षा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी ।
पीड़ित परिवार की ओर से पैरवी करते हुए एडवोकेट नरेन्द्र जैन ने कोर्ट को बताया कि 6 फरवरी 2013 को मृतका की शादी शारदा नगर करमेता निवासी अतुल तिवारी के साथ हुई थी। शादी से पहले ससुराल पक्ष द्वारा दहेज के रूप में 8 लाख रुपए नकद एवं अन्य सामान की मांग रखी गई थी। मृतका की मां ने इतना दहेज देने में असमर्थता जताई। बाद में 4 लाख रुपए नकद एवं लगभग ढाई लाख रुपए के गृहस्थी के सामान पर मामला तय हुआ।
तमिलनाडु में की आत्महत्या
नितिन शुक्ला की नौकरी तमिलनाडु के कांचीपुरम में होने के चलते शादी के कुछ दिनों बाद ही तितिक्षा पति के साथ वहां चली गई। आरोपी पति तमिलनाडु में किराए के मकान में रहता था। उसके साथ मां कल्पना शुक्ला, ममेरे भाई अनूप तिवारी और अतुल तिवारी भी तमिलनाडु आ गए थे। यहां पर सभी लोगों ने तितिक्षा तिवारी को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताडि़त करना शुरू कर दिया। परेशान होकर तितिक्षा तिवारी ने 18 सितंबर 2013 को तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित मरई नगर के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
घटनास्थल पर मिला सुसाइड नोट
पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया था। सुसाइड नोट में महिला ने आरोपियों के खिलाफ मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना देने के चलते आत्महत्या की बात लिखी थी। मामले में शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक सक्सेना ने मुख्य आरोपी पति नितिन शुक्ला को 10 वर्ष का कारावास, ममेरे भाई अनूप तिवारी व अतुल तिवारी को एक-एक वर्ष का कठोर कारावास और अर्थ दंड से दंडित किया है।




