ग्वालियर के गुढ़ा गुढ़ी का नाका स्थित स्मार्ट सिटी मेटरनिटी हॉस्पिटल एवं मल्टी स्पेशियलिटी ट्रॉमा सेंटर में अवैध गर्भपात का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान अस्पताल में प्रसूता को पाया, लेकिन उसका पति भ्रूण लेकर फरार हो गया।
बाद में महिला के मोबाइल से संपर्क करने पर उसने बताया कि भ्रूण को मुरैना के नूराबाद नदी में विसर्जित कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में पता चला कि इस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन एक साल पहले ही खत्म हो चुका था। यहां गर्भपात मुरैना जिला अस्पताल की डॉक्टर नेहा नागौरी द्वारा किया गया था, जो इस अस्पताल के मालिक की बहू हैं।

जानकारी ऐसे सामने आई
26 मार्च को सामाजिक कार्यकर्ता मीना शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी थी कि अस्पताल में अवैध गर्भपात किया जा रहा है। इस पर CMHO डॉ. सचिन श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। लेकिन तब तक गर्भपात हो चुका था।
अस्पताल के CCTV फुटेज में महिला का पति भ्रूण को प्लास्टिक की थैली में ले जाते हुए दिखाई दिया। प्रारंभिक जांच में संदेह है कि महिला की पहले से दो बेटियां थीं, इसलिए भ्रूण भी लड़की होने की संभावना पर गर्भपात कराया गया। हालांकि, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

अस्पताल सील, पांच पर मामला दर्ज
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि यह नर्सिंग होम बिना पंजीयन के संचालित हो रहा था। जांच में एमपीटीपी एक्ट और नर्सिंग होम एक्ट का उल्लंघन पाया गया।
इसके आधार पर कम्पू थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों में शामिल हैं:
- डॉ. नेहा नागौरी (मुरैना जिला अस्पताल की डॉक्टर)
- किरण कश्यप (अस्पताल की स्टाफ नर्स)
- गर्भपात कराने वाली महिला
- महिला की सास
- महिला का पति
- सीएसपी रोबिन जैन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में अवैध गर्भपात की पुष्टि हुई, जिसके बाद पांच आरोपियों पर मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।