ईओडब्ल्यू और ईडी की टीमें मध्यप्रदेश में मार सकती है भ्रष्ट अधिकारियों के घर और भी छापे – सूत्र
परिवहन के कई भ्रष्ट अधिकारियों के ठिकानों पर हो सकती है कार्रवाई
जबलपुर ARTO संतोष पाल। वर्तमान में जबलपुर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के प्रभारी आरटीओ हैं। 50 साल के इस अफसर के यहां EOW(आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) ने छापा मारा तो आय से ज्यादा संपत्ति का खुलासा हुआ। 65 हजार की सैलरी वाले इस अफसर ने 10 साल की नौकरी में करोड़ों की संपत्ति बना ली। ARTO ने पैसा कमाने के लिए पूरी गैंग बना रखी थी। सुरक्षा के नाम पर कलेक्टर से 5 गार्डों की मंजूरी ली। फिर इन्हें दफ्तर में ही अलग-अलग जिम्मेदारी सौंप दी। हर काम के लिए फीस तय कर दी। यही गार्ड कलेक्शन एजेंट बनकर पैसों की उगाही करते थे।
ARTO के करीबी लोग
1 . निखिल : प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के मार्फत परिवहन दफ्तर जबलपुर में सुरक्षा गार्ड के पद पर पदस्थापना। ऑफिस ड्यूटी के बजाय एआरटीओ के लिए लाइसेंस के नए आवेदनों की स्क्रूटनी का काम करता था।
2 . विनोद : व्हीकल ट्रांसफर सेक्शन में ड्यूटी। व्हीकल ट्रांसफर की सुविधा शुल्क लेने का काम करता था।
3 . सज्जू : व्हीकल फिटनेस सेक्शन – मूल काम फिटनेस सेक्शन के अफसरों और संपत्ति की सुरक्षा करना। लेकिन, सज्जू यहां फिटनेस टेस्ट के लिए आने वाली गाड़ियों के फिटनेस सर्टिफिकेट इश्यू करने के नाम पर संतोष पाल के लिए सुविधा शुल्क लेना था।
4-5 . सौरभ-आयुष: ऑफिस में एआरटीओ की पत्नी रेखा पॉल के लिए काम करना। उसके सेक्शन के कामों के लिए ट्रांसपोर्टर्स और दूसरी कंपनियों से सुविधा शुल्क लेने का जिम्मा इन्हीं के पास था।
ARTO ने नितिन काे दिलाई चपरासी की नौकरी
एआरटीओ के पद पर पदस्थापना के बाद संतोष ने अपने करीबी नितिन को बुकिंग एजेंट बना लिया। परिवहन संबंधी सभी काम में लेन-देन का काम नितिन करता था। 2018 में जबलपुर में जब संतोष को दोबारा पदस्थापना मिली, तो उसने नितिन की चपरासी के पद पर पदस्थापना करा दी।
65 हजार की सैलरी वाले इस अफसर ने 10 साल की नौकरी में 4 करोड़ का बंगला सहित बेशकीमती चल-अचल संपत्ति इकट्ठा कर ली। 10 हजार वर्गफीट के महल जैसे मकान में ऐश-ओ-आराम के तमाम इंतजाम मिले हैं। ARTO संतोष पाल की ऑफिस में ही उनकी पत्नी रेखा पाल क्लर्क हैं। पत्नी को 55 हजार रुपए मिलते हैं। दोनों की संपत्ति का जब आकलन किया गया तो उनकी आय से 650% ज्यादा मिली। एआरटीओ के दो बेटे भी हैं। संतोष पाल की परिवहन अमले में पहली नियुक्ति 2012 में हुई थी। इससे पहले वह LIC में काम करता था, जबकि 2018 में जबलपुर में पोस्टिंग हुई।
छत पर स्वीमिंग पूल और गार्डन भी
जबलपुर के शताब्दीपुरम में 10 हजार स्क्वेयर फीट में तीन मंजिला बंगला है। इसमें एक मिनी थिएटर, मिनी बार, जिम, लग्जरी बाथरुम भी है। छत पर स्वीमिंग पूल और गार्डन भी है। घर में लिफ्ट भी लगी है। सीढ़ियां भी सागौन की लकड़ी से बनाई गई हैं।




