जबलपुर/भोपाल | भोपाल के चर्चित नाबालिग दुष्कर्म और मानव तस्करी मामले में गिरफ्तार वकील यावर खान की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। गुरुवार को जबलपुर हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) में मामले की गवाही और सुनवाई जारी रहेगी, हालांकि अंतिम फैसला हाईकोर्ट की अनुमति के बिना नहीं सुनाया जाएगा।
हाईकोर्ट में क्या हुई दलीलें?
जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की एकलपीठ में यावर खान की ओर से दायर पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में भोपाल की ट्रायल कोर्ट द्वारा संज्ञान लेने और आरोप तय करने की प्रक्रिया को चुनौती दी गई है।
- बचाव पक्ष का तर्क: आरोपी के वकीलों ने दलील दी कि आवेदक जेल में है और पेशे से अधिवक्ता है। उन्होंने ट्रायल कोर्ट में साक्ष्य (गवाही) दर्ज करने पर रोक लगाने की मांग की।
- अदालत का रुख: हाईकोर्ट ने साक्ष्य दर्ज करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि गवाही होने से आरोपी का कोई नुकसान नहीं होगा। अदालत ने मामले से जुड़े अहम दस्तावेज रिकॉर्ड पर लेने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 9 मार्च तय की है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 20 जनवरी 2023 को एक नाबालिग के लापता होने से शुरू हुआ था। करीब दो साल बाद, 23 जनवरी 2025 को उसे अशोक नगर से बरामद किया गया।
- संगठित अपराध: पीड़िता ने बयान दिया कि उसे बेचा गया और देह व्यापार के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद पुलिस ने 31 लोगों के खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं में FIR दर्ज की।
- वकील की संलिप्तता: इस मामले में यावर खान को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी बनाया गया है।
- पुराना रिकॉर्ड: जांच में यह भी सामने आया कि यावर खान के खिलाफ ईदगाह हिल्स की एक महिला ने भी पहले छेड़छाड़ की शिकायत की थी, जिसे पुलिस ने बाद में ठंडे बस्ते में डाल दिया था।
केस की वर्तमान स्थिति
ट्रायल कोर्ट ने 21 जनवरी 2026 को आरोपी की डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी थी और 27 जनवरी को आरोप तय कर दिए थे। फिलहाल यावर खान जेल में है और उसकी जमानत याचिका भी लंबित है।
”अदालत ने साफ किया है कि ट्रायल की प्रक्रिया नहीं रुकेगी, लेकिन अंतिम निर्णय सुनाने से पहले हाईकोर्ट की मंजूरी अनिवार्य होगी।”
— कानूनी विशेषज्ञ




