मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ‘भारत के अंदर रहना है, तो राम-कृष्ण की जय कहना होगा।’ सीएम यादव सोमवार को अशोकनगर जिले के चंदेरी में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा- ‘सावधान.. जो यहां का खाता है, कहीं और का बजाता है, यह नहीं चलेगा। इसके बाहर कुछ नहीं है। हमारे देश के भीतर हम सब का सम्मान करना चाहते हैं, किसी का अपमान नहीं करते हैं।’
सीएम ने आगे कहा- ‘हमारे यहां हिंदू-मुस्लिम का भाव नहीं है। हमारे यहां परमात्मा को, सृष्टि को समझने वाले लोग चाहिए। रहीम, रसखान, यहां की माटी को जोड़कर चले, इसलिए हम आज भी उन्हें स्मरण करते हैं।’

सीएम डॉ. मोहन यादव ने चंदेरी में करीब आधा किलोमीटर का रोड शो भी किया।
आपकी पूजा पद्धति कोई भी हो, सबको छूट है
सीएम ने कहा- ‘आज मैं चंदेरी के हैंडलूम पार्क गया। वहां क्या हिंदू, क्या मुस्लिम, सब खूब मेहनत कर रहे हैं। यही पवित्रता का भाव चाहिए। आपकी पूजा पद्धति कोई भी हो, सबको छूट है, लेकिन सबसे पहले देशभक्ति चाहिए, क्याेंकि देश है तो हम सब हैं। हम तो भाग्यशाली हैं कि भगवान राम-कृष्ण की भूमि पर जन्म लिया। हमारे देवी-देवताओं को समझने जाओगे तो पता चलेगा कि उन्होंने कदम-कदम पर कष्ट उठाए हैं।’

सीएम की सभा के दौरान बारिश होने लगी। बचने के लिए लोगों ने कुर्सियां सिर पर उठा ली।
बुनकरों से किया संवाद, लक्ष्मण मंदिर में की पूजा-अर्चना
जन्माष्टमी पर्व पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अशोकनगर जिले की ऐतिहासिक नगरी चंदेरी पहुंचे थे। यहां सबसे पहले उन्होंने बुनकर पार्क में बुनकरों से संवाद किया। उनकी बनाई साड़ियां देखी। उन्होंने खुद भी साड़ी बुनी। सीएम डॉ. मोहन यादव ने यहां रोड शो भी किया। साथ ही लक्ष्मण मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
सीएम ने कहा- चंदेरी को पर्यटन तीर्थ क्षेत्र घोषित करता हूं। जहां-जहां से भगवान कृष्ण का इतिहास जुड़ा है, सभी क्षेत्र तीर्थ के रूप में विकसित होंगे।

सीएम ने बुनकरों से संवाद किया। साथ ही खुद भी साड़ी बुनी।
विरोधी रोते रहे, ‘लाड़ली बहना’ चलती रहेगी
सीएम ने कहा- हमारी सरकार ने संकल्प लिया है कि सारी बहनों के कष्ट दूर कर उन्हें आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा। विरोधी कहते हैं लाड़ली बहना योजना बंद हो जाएगी, वे रोते रहें, योजना चलती रहेगी। बहन-बेटियों का भला नहीं करेंगे तो किसका करेंगे।

कृष्ण जन्मोत्सव पर बच्चे राधा-कृष्ण के परिधान पहनकर पहुंचे।
कृष्ण-राम को बच्चों को नहीं पढ़ाएंगे तो किसको पढ़ाएंगे
सीएम ने कहा- भगवान कृष्ण ने क्या सबक दिया, हाथ में बांसुरी जरूर हो, क्योंकि वह हमारी विनम्रता का परिचायक है, लेकिन अन्याय की एक सीमा के बाद जब भी मौका पड़े अपने कर्म से पीछे नहीं हटना है। लोग कहते हैं कि शिक्षा नीति में भगवान राम और कृष्ण के पाठ काे क्यों ला रहे हो। अरे हम भगवान कृष्ण और राम को बच्चों को नहीं पढ़ाएंगे तो किसको पढ़ाएंगे।




