पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में राजस्व जुटाने की मशक्कत हर महीने हो रही है उपभोक्ताओं से बिजली का बिल वसूलने के लिए बिजली काटी जा रही है लेकिन एक हकीकत ये भी है कि लगभग एक तिहाई बिजली उपभोक्ताओं के पास बिजली का बिल की सूचना ही नहीं पहुंच रही है। हालांकि कंपनी की तरफ से प्रिंट बिल जरूर घर भेजे जा रहे हैं। कंपनी के पास करीब 15 लाख उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर या तो नहीं है, या फिर नंबर बदल चुके हैं। जिस वजह से बिल सहीं उपभोक्ता को नहीं मिल रहा है। अब कंपनी ऐसे उपभोक्ताओं के नए सिरे से नंबर जुटाने में लग गई है।
45 लाख उपभोक्ता में 15 लाख का नंबर नहीं: बिजली कंपनी के पास 45 लाख घरेलू उपभोक्ता है। इनमें करीब 15 लाख बिजली उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके नंबर बंद मिले हैं। कई उपभोक्ता ऐसे है जिनके नंबर बदल गए है और उनका बिजली बिल नए नंबर धारक के मोबाइल पर पहुंच रहा है। ऐसे में उपभोक्ता को जहां बिजली का बिल समय पर नहीं मिल पा रहा है वहीं अन्य सूचनाएं भी उसके पास नहीं पहुंच रही है। उपभोक्ता को सूचना नहीं मिलने की वजह से बिल जमा करने में देरी हो रही है जिस वजह से बिजली कंपनी को राजस्व संग्रह में दिक्कत आ रही है। ऐसे में प्रबंध संचालक की तरफ से पिछले दिनों सभी अभियंताओं को उपभोक्ताओं के बिजली बिल में सहीं मोबाइल नंबर जुटाने के निर्देश दिए है।
नंबर नहीं तो उपभोक्ता को ये परेशानी:
– मोबाइल का नंबर नहीं होने से बिजली बिल की जानकारी समय पर नहीं मिलती है।
– बिजली बिल भुगतान करने के बाद कंनर्फमेशन संदेश नहीं मिलता।
– इलाके में मेंटेनेंस के वक्त बिजली सप्लाई बंद होती है क्षेत्र के उपभोक्ता को मोबाइल पर संदेश दिया जाता है।
– बिजली शिकायत 1912 में पंजीकृत नंबर से करने पर कंपनी के पास उपभोक्ता की सभी जानकारी कम्प्यूटर पर मिलती है ऐसे में शिकायत करते वक्त विस्तृत जानकारी नहीं देनी पड़ती है।




