भोपाल। मध्य प्रदेश में एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर तेल कंपनियों ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। प्रदेश में रोजाना लगभग 2.20 लाख सिलेंडर बुक हो रहे हैं और राज्य के 13 बॉटलिंग प्लांट में गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। ऑयल कंपनियों के राज्य प्रमुख अजय कुमार श्रीवास्तव ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर बुकिंग या स्टॉक न करें।
प्रमुख बिंदु:
- पर्याप्त सप्लाई: प्रदेश में घरेलू और कमर्शियल गैस की आपूर्ति सुचारू है। छोटे उपभोक्ताओं और श्रमिकों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर के विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं।
- कालाबाजारी पर वार: गड़बड़ी रोकने के लिए अब तक 2485 छापे मारे गए हैं, जिनमें 10 एफआईआर और 3561 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। वर्तमान में 95% बुकिंग डिजिटल माध्यम से हो रही है।
- ईंधन की स्थिति: राज्य के 7147 पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध है। रोजाना 8 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 16 हजार किलो लीटर डीजल की सप्लाई हो रही है, जो खेती के सीजन के लिहाज से पर्याप्त है।
भोपाल में पाइप वाली गैस की तैयारी: 3 महीने में 75 हजार नए कनेक्शन का लक्ष्य
भोपाल। राजधानी में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क को रफ्तार देने के लिए सोमवार को कमिश्नर संजीव सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। प्रशासन का लक्ष्य अगले 3 महीनों में 70 से 75 हजार घरों को पाइपलाइन के जरिए गैस कनेक्शन से जोड़ना है।
अधिकारियों ने बताया कि ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ के जरिए कंपनियों को अब महज 24 घंटे में जरूरी अनुमतियां मिल सकेंगी। वर्तमान में शहर के 42 हजार घरों के पास पाइपलाइन पहुंच चुकी है, जहाँ आवेदन करते ही कनेक्शन दिया जा सकता है।
प्रशासनिक निर्देश: गेहूं उपार्जन और नरवाई पर सख्ती
एडीएम सुमित कुमार पांडेय ने अधिकारियों को गैस वितरण की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही, गेहूं उपार्जन (2026-27) की तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया कि:
- 7 अप्रैल से किसान स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे।
- 8 अप्रैल तक सभी 87 केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
- पर्यावरण सुरक्षा के लिए नरवाई (फसल अवशेष) जलाने वालों पर प्रशासन सख्त रुख अपनाएगा।



